Adipurush पर हंगामे में वायरल हुए 'मुल्लाजी', दिल जीत रहा है लक्ष्मण-सीता वाला ये Video
Adipurush फिल्म में दिखाए सीन पर बवाल शुरू हो चुका है। वहीं इस सबके बीच
Adipurush controversy Viral video: फिल्म रिलीज होते ही विवादों में आ चुकी है। आदिपुरुष फिल्म की आलोचना उसके बेहूदे-भद्दे डायलॉग्स और उसके फिल्मांक को लेकर हो रही है।
रामकथा पर अधारित आदिपुरुष फिल्म में सीता समेत अन्य किरदारों के फिल्मांकन की जमकर आलोचना हो रही है। इतना ही नहीं सीताजी के ड्रेसअप की भी दर्शक निंदा कर रहे हैं।

वहीं इस सबके बीच सोशल मीडिया पर एक मौलाना का वीडियो वायरल हो रहा है, मौलाना ने इस वीडियो में जो मां सीता और लक्ष्मण के बारे में जो बात कही वो लोगों को दिल जीत रहा है।
हरिंदर एस सिक्का द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में स्टेज पर खड़े मौलवी रामायण के सीता अपहरण के बाद उन्हें ढूढ़ते हुए लक्ष्मण और हनुमान के बीच के संवाद का जिक्र कर रहे हैं।
मौलवी भरी सभा में कह रहे हैं
'सीता को जब हनुमान और लक्ष्मण ढूढ़ने निकले तो उन्हें सीता मां की चप्पल समेत अन्य चीजें मिली जिसे वो अपहरण के बाद सीता रास्ते में गिराती हुई गई थीं। इन सभी चीजों को लक्ष्मण ने पहचान लिया लेकिन नाक में पहनी जाने वाली नथ जब हनुमान दिखाते हैं तो इस पर लक्ष्मण कहते हैं नहीं मैं इसे नहीं पहचाता कि ये मेरी भाभी मां सीता की है या नहीं।
ये सुनकर हनुमान अचंभित होकर पूछते हैं कि लक्ष्मण तुमने सब कुछ पहचसान लिया लेकिन ये नथ क्यों नही पहचान पा रहे हो। तब लक्ष्मण कहते हैं मैंने अपनी भाभी का चेहरा तक नहीं देखा, वो मेरी भाभी मां थी।'
बाल्मिकी जी की रामायण तक में लिखा है
बाल्मिकी की 2000 साल पुरानी रामायण में लिखा है कि भगवान राम की पत्नी सीता का चेहरा आज तक उनके देवर लक्ष्मण ने नहीं देखा। उन्होंने कहा हिंदू धर्म में इतना पर्दा है कि बाल्मिकी जी की रामायण तक में लिखा है।
फ़ारसी के मशहूर कवि ने फारसी में सीता मां के लिए लिखी थी ये बात
वहीं इस वीडियो को शेयर करने वाले ने लिखा कैप्शन में लिखा है
मौलवी जी को सुन कर,प्रभु-कृपा से मुझे फ़ारसी के मशहूर कवि मसीह थानेसरी जी की सैंकड़ों वर्ष पूर्व,सीता जी पर फ़ारसी में लिखी कविता याद आ गई जो नेशनल म्यूज़ियम में आज भी सुरक्षित है।
तन-श रा पैरहन उरियान् न दीदे
चू जान् अन्दर तन् ओ तन् जान् न दीदे।
'जिसका मतलब है 'सीता जी के वस्त्रों में भी उन्हें बिना वस्त्रों के कभी नहीं देखा था, जैसे शरीर में आत्मा रहती है, परन्तु शरीर ने कभी आत्मा को नहीं देखा।'
मौलवी जी को सुन कर,प्रभु-कृपा से मुझे फ़ारसी के मशहूर कवि मसीह थानेसरी जी की सैंकड़ों वर्ष पूर्व,सीता जी पर फ़ारसी में लिखी कविता याद आ गई जो नेशनल म्यूज़ियम में आज भी सुरक्षित है।
तन–श रा पैरहन उरियान् न दीदे
— Harinder S Sikka (@sikka_harinder) June 15, 2023
चू जान् अन्दर तन् ओ तन् जान् न दीदे।
تنش را پیرهن عریان ندیده
چو جان… pic.twitter.com/7cIcnkAPNR












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