Justice Hema Committee Report सार्वजनिक होने पर रो पड़ीं अभिनेत्री पार्वती
Justice Hema Committee Report: जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट ने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में काफी हलचल मचा दी है। यह रिपोर्ट इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और शोषण को उजागर करती है। रिपोर्ट के रिलीज होने के बाद से ही यह लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। साउथ की एक्ट्रेस पार्वती ने इस मामले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
एनडीटीवी के साथ एक साक्षात्कार में पार्वती ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह सही है कि लोग कहते हैं कि मलयालम उद्योग अंदर से इतना सड़ा हुआ है। नहीं, हम अंदर से अच्छे हैं, इसलिए हम चीजों को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं।

आपको उन जगहों के बारे में चिंता करनी चाहिए जिनके बारे में आपको कुछ भी सुनने को नहीं मिलता।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मुद्दों को हल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पार्वती ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होना खट्टा-मीठा अनुभव है क्योंकि रिपोर्ट जारी होने में कई साल लग गए।
पार्वती ने कहा, "हमें हमें रिपोर्ट का संशोधित संस्करण मिला है। इन पिछले सालों में हमें वाकई भीख मांगनी पड़ी, चीखना-चिल्लाना पड़ा और लड़ना पड़ा।" हमारे इस संघर्ष में जनता और मीडिया के समर्थन ने अहम भूमिका निभाई।
लोग इसमे सनसनी खोज रहे
पार्वती ने बताया कि बहुत से लोग रिपोर्ट को उसके वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं पढ़ रहे हैं, बल्कि इसे सनसनीखेज बना रहे हैं। उन्होंने बताया, "(न्यायमूर्ति) हेमा समिति की रिपोर्ट फिल्म उद्योग में व्याप्त कुरीतियों का अध्ययन है।" इसका उद्देश्य कार्यस्थल की संस्कृति में सुधार लाना और सरकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
दर्दनाक अनुभव
इंडस्ट्री में महिलाओं से जुड़ी सभी घटनाओं को संकलित करना कितना दर्दनाक था। ये सभी बयान हाथ से लिखे गए थे और उन्हें हमें पढ़कर सुनाया गया। यह दर्दनाक और भयावह था। रिपोर्ट जारी होने पर उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर पार्वती ने बताया कि वह भावुक हो गईं और रोने लगीं।
आखिर क्यों नहीं है आंतरिक शिकायत समिति
पार्वती ने इस बात पर चिंता जताई कि भारतीय सिनेमा में कई उद्योग होने के बावजूद फिल्म शूटिंग के लिए कोई आंतरिक शिकायत समिति क्यों नहीं है। उन्होंने सवाल किया, "मुझे इस बात की ज़्यादा चिंता है कि सभी फिल्मों की शूटिंग के लिए यहां कोई आंतरिक शिकायत समिति क्यों नहीं है?"
बता दें कि केरल की मलयालन फिल्म इंडस्ट्री में हाई हाई-प्रोफ़ाइल यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया उसके बाद द वूमन इन सिनेमा कलेक्टिव (WCC) का उदय हुआ। उसके बाद से WCC ने फिल्म उद्योग के भीतर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा की खुलकर वकालत शुरू की।
कई साल तक रिपोर्ट नहीं हुई सार्वजनिक
WCC के तमाम आरोपों के जवाब में केरल सरकार ने इन मुद्दों की जांच के लिए न्यायमूर्ति के हेमा के नेतृत्व में एक समिति बनाई। इस पूरे मामले की जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को सौंप दिया लेकिन। चार साल तक रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। लेकिन अब कुछ संशोधन के बाद इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है।
सरकार को घेरा
मलयालम फिल्म अभिनेत्री और WCC की संस्थापक सदस्य पार्वती थिरुवोथु ने कमेटी की रिपोर्ट को जारी करने में हुई देरी को लेकर सरकार की आलोचना की है। पहली बार रिपोर्ट 2018 में सामने आई,बाद में इसे 2019 में जमा किया गया। लेकिन इसे सार्वजनिक करने के लिए कई वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा।
हमने उम्मीद छोड़ दी थी
पार्वती ने कहा कि हमें डर था कि कमेटी की यह रिपोर्ट कभी सामने आएगी ही नहीं। अब जबकि रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है, यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह सिर्फ एक शुरुआत है, ऐसी ही शुरुआत दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में भी हो सकती है।












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