चोरी की कहानी पर बनी थी आमिर खान की 'फना', 18 साल बाद लिलीपुट उर्फ दद्दा त्यागी ने बताया सच!
आमिर खान अपनी फिल्मोंग्राफी के लिए जाने जाते हैं। साल 2006 में उनकी फना नाम की फिल्म आई थी। जिसे दर्शकों ने पसंद किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी चली थी। लेकिन अब रिलीज के 18 साल बाद इस फिल्म पर कॉपी करने की खबर आई है। दरअसल, लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में एम एम फारुखी (जिन्हें हम लिलीपुट के नाम से जानते हैं) ने फना की कहानी पर बात की।
लिलीपुट से पूछा गया कि शहादत की कहानी पर वो फिल्म नहीं बनाए इसका अफसोस है। जवाब में उन्होंने कहा, साल 1988 में मैंने वो कहानी सोची थी। मैंने पहली बार वन लाइन ही सोचा था। उसे मैंने शरद जी को सुनाई थी। एक्टर से पहले मैं डायरेक्टर बनना चाहता था। शिकारी की शूटिंग के लिए मैं रूस गया था। जब वहां समय मिला तो मैंने 15 दिन में शहादत का स्क्रीन प्ले लिखा था।

कई कोशिशों के बाद भी नहीं बन पाई फिल्म
लिलीपुट ने आगे बताया, रूस से वापस आने के बाद मैंने इसके डायलॉग लिखे और आत्मा जी को सुनाया। उन्होंने कहा कि इसे NFDC में दो। तब मैंने एक पूरी कॉपी बनाई और इसपर खर्च करने के लिए मैंने बीवी के गहने बेचे थे। NFDC में जमा करने के बाद सब वहां से लौटा दिया गया। इसके बाद मैंने भी उम्मीद छोड़ दी। कुछ दिनों बाद एक दोस्त मिला और उसने कहा कि फिल्म बनाएंगे। हम नसरुद्दीन शाह से मिले, कहानी सुनाई। बाद में मुहूर्त भी हुआ, लेकिन फिल्म बंद हो गई। बात यहां तक नहीं रुकी फिर एक प्रोड्यूसर को हमने कहानी सुनाई। सबकुछ सही हुआ, स्क्रिप्ट फाइनल हो गई। मुहूर्त शॉट होने वाला था, फिर प्रोड्यूसर का फोन आया। आमिर की फना देखिए। मैंने जब फिल्म देखी तो कहा धत्त तेरी की।
उन तक भी पहुंची होगी कहानी
लिलीपुट ने आगे कहा, मेरी आदत शुरू से थी कि जो भी लिखता था तो सभी को सुनाता था। शहादत की कहानी भी बहुतों को सुनाया। तो फना के मेकर्स तक भी पहुंची होगी। अब पहुंच गई तो पहुंच गई। कुछ कर भी नहीं सकते अब।












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