CG: रिखी क्षत्रिय राजपथ पर करेंगे तीन राज्यों की आदिवासी संस्कृति का नेतृत्व, लोकवाद्य संग्रह कर बनाई पहचान
छत्तीसगढ़ के लोकवाद्य संग्राहक रिखी छत्रीय अपने दल के साथ दिल्ली रवाना हो चुके हैं। उन्हें 26 जनवरी के मौके पर राज्यपथ पर आयोजित परेड में आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति परम्परा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के लिए एक बार फिर प्रदेश लोक वाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय को दिल्ली बुलाया गया है। इस बार क्षत्रिय तीन राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे। देश की राजधानी नई दिल्ली में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ पर रिखी क्षत्रिय 9 वी बार अपने कलाकार साथियों के साथ नजर आएंगे। वहीं राज्य सरकार द्वारा मिलेट मिशन पर झांकी तैयार करने के प्रस्ताव पर मंजूरी नहीं मिल सकी।

विलुप्त लोक वाद्य यंत्रों का बनाया संग्राहलय
दरअसल रिखी क्षत्रिय छत्तीसगढ़ के प्रख्यात लोक वाद्य संग्राहक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय मंचों पर करमा, डंडा, सुहेला, जैसे विलुप्तप्राय नृत्यों का प्रदर्शन किया है। और लोक कलाकार हैं। इससे पहले राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के हाथों अपनी झांकी और प्रस्तुति को लेकर रिखी स्वर्ण पदक से सम्मानित भी हो चुके हैं। वे 9वीं बार राजपथ पर नजर आएंगे। 63 वर्षीय रिखी भिलाई स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त रिखी क्षत्रिय छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं संस्कृति के लिए समर्पित रहे हैं। वह विगत तीन दशक से छत्तीसगढ़ के बस्तर अम्बिकापुर, जशपुर, मानपुर जैसे अलग-अलग हिस्सों में पहुंच कर दुर्लभ वाद्य यंत्रों का संग्रहण कर रहे हैं। अपने घर को ही संग्रहालय बना लिया है।

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तीन राज्यों का करेंगे प्रतिनिधित्व
इस बार रिखी क्षत्रिय के छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा जैसे राज्यों के प्रतिनिधित्व का सम्मान देते हुए विशेष तौर पर आमंत्रित किया जा रहा है। रिखी ने बताया कि इस झांकी में छत्तीसगढ़,झारखंड और ओडिशा से 10 महिला एवं 12 पुरुष सहित कुल 22 कलाकारों को शामिल किया जा रहा है। इस समूह के नेतृत्वकर्ता के तौर पर रिखी क्षत्रिय का चयन किया गया है।
इस झांकी में शामिल होंगे रिखी
रिखी क्षत्रिय ने बताया कि राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के आयुक्त असित गोपाल और केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय की ओर से रिखी क्षत्रिय और उनके समूह को पत्र मिल चुका है। रिखी व उनका समूह 12 जनवरी गुरुवार को नई दिल्ली रवाना हो रहा है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर राजपथ पर जनजाति कार्य मंत्रालय की झांकी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें आदिवासी लोक नृत्य का प्रदर्शन करने के लिए 12 जनवरी से 28 जनवरी तक राष्ट्रीय रंगशाला कैंप केंद्रीय विद्यालय 2 के निकट जीपीएस कॉलोनी नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रिजेक्ट होने के कारण को लेकर चर्चा
इसके अलावा विभाग ने अधिकारिक तौर पर इसके रिजेक्ट करने के कारण नहीं बताए हैं। लेकिन संस्कृति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलेट मिशन अभियान केंद्र सरकार के द्वारा संचालित होने के कारण इस पर अनुमति नहीं मिल सकी है। राज्य की झांकियों में राज्य के कला, संस्कृति, खेल, और धरोहरों को दिखाया जाता है। लेकिन यह एक योजना पर आधारित है।












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