भिलाई में दो साल बाद कोचिंग बाजार में लौटी रौनक, कोरोना से प्रभावित 50 सेंटर हो चुके हैं बन्द
भिलाई में छत्तीसगढ़ के साथ साथ अन्य राज्यों के बच्चे भिलाई के सिविक सेंटर में आकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन कोरोना काल में इन कोचिंग संचालकों को बुरी तरह प्रभावित किया कई कोचिंग संस्थान बन्द होने की कगार पर पहुंच चुके थे।
दुर्ग, 26 जुलाई। दुर्ग जिले के भिलाई को एजुकेशन हब के नाम से जाना जाता है। क्योंकि भिलाई में एजुएकेशन के बड़े संस्थानों के साथ कोचिंग सेंटर की भरमार है। इन कोचिंग सेंटरों में जेईई, नीट, पीएससी, यूपीएससी, पीईटी, कैट,MBA, CA के एग्जाम की तैयारी के लिए बेहतर कोचिंग मौजूद हैं। भिलाई में छत्तीसगढ़ के साथ साथ अन्य राज्यों के बच्चे भिलाई के सिविक सेंटर में आकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन कोरोना काल में इन कोचिंग संचालकों को बुरी तरह प्रभावित किया कई कोचिंग संस्थान बन्द होने की कगार पर पहुंच चुके थे। तो 50 से अधिक बन्द भी हुए। लेकिन अब फिर से इन कोचिंग बाजारों की रौनक लौटी है।

एजुकेशन हब भिलाई में सजता है कोचिंग बाजार
भिलाई के सिविक सेंटर , सेक्टर 6 और सेक्टर-10 में चल रहे कोचिंग संस्थानों को मिलाकर कुल 250 कोचिंग क्लासेस यहां मौजूद है। प्रदेश भर के 5236 विद्यार्थी विभिन्न कोर्स की तैयारी में जुटे हैं। इन कोचिंग सेंटरों में जेईई, नीट, पीएससी, यूपीएससी, पीईटी, कैट,MBA, CA, स्पोकन इंग्लिश, गणित साइंस, कैमेस्ट्री, बायोलॉजी, सीबीएसई, के एग्जाम की तैयारी के लिए बेहतर कोचिंग मौजूद हैं। जहां से तैयारी करके छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन होते हैं।

कोरोना ने किया था प्रभावित
कोचिंग संचालकों के कहना है कि कोरोना काल मेें बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। कोचिंग संस्थान बंद होने के कगार पर पहुंच चुके थे। क्योंकि टाउनशिप एरिया में बिजली बिल और किराए को लेकर एक लाख तक देने पड़ते हैं। वही बच्चों के एडमिशन नहीं होने से कोचिंग संस्थानों का बुरा हाल था। ऑनलाइन क्लास के माध्यम से भी बच्चों को तैयारी कराई गई । इसके बाद संस्थान को मेंटेन करना मुश्किल था।
दो साल बाद लौटी रौनक, पहुंच रहे बच्चे
छत्तीसगढ़ प्राइवेट कोचिंग एसोसिएशन के सचिव भरत भम्भानी बताते हैं कि भिलाई की कोचिंग इंडस्ट्री में दो साल बाद रौनक लौटी है। इस साल कोचिंग संस्थानों के सालाना रेवेन्यू में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। कोरोना के बाद पालकों ने अपने बच्चों को छत्तीसगढ़ के बाहर भेजने के बजाए तैयारी के लिए एजुकेशन हब भिलाई को चुना। इसी बात के मद्देनजर अब कोटा राजस्थान के बड़े कोचिंग संस्थानों ने भिलाई में एंट्री लेना शुरू कर दिया है। इस साल राजस्थान के दो बड़े कोचिंग संस्थान ने भिलाई में भी अपने सेटअप स्थापित कर दिए हैं।
सपोर्टिंग व्यापार में आया सुधार
कोचिंग संस्थानों में रौनक लौटने से इस इंडस्ट्री के सपोर्टिंग बिजनेस को भी बड़ी राहत मिली है। हॉस्टल-पीजी मार्केट को भी सहारा मिला। भिलाई-दुर्ग में सौ से अधिक हॉस्टल व मेस , कैंटीन, टिफिन सर्विस, संचालित हो रहे हैं, जिन्होंने स्थानीय व्यापार को मजबूत दी है। कोचिंग के साथ सेक्टर-10, सिविक सेंटर, सेक्टर-6 के बुक सेलर्स का व्यापार भी पटरी पर लौटा है।
भिलाई के कोचिंग संस्थानों के अन्य राज्यों में खुले ब्रांच
जिस तरह अन्य राज्यों से कोचिंग संस्थान छत्तीसगढ़ के भिलाई आकर अपना सेटअप लगा रहे हैं वही भिलाई के संस्थान अपने सेटअप को देशभर के विद्यार्थियों के साथ साझा करने ऑनलाइन मोड से जुड़ गए हैं। भिलाई से हमारे एक्सपर्ट टीचर ऑनलाइन मोड़ पर राजस्थान, यूपी, मध्यप्रदेश, ओडिशा जैसे राज्यों के छात्रों को घरों में ही हमारे कोचिंग संस्थानों की पढ़ाई कर रहे हैं।












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