36th National Games: नेशनल गेम्स में हिस्सा लेंगी देवरिया की सृष्टि,ओलंपिक में मेडल जीतना है सपना
लंपिक में हिस्सा लेना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है।हर खिलाड़ी चाहता है कि वह ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करे और मेडल अपने नाम करे।यही सपना संजोए देवरिया के बरहज की रहने वाली सृष्टि तिवारी दिन -रात कड़ी मेहनत
देवरिया,1सितंबर: ओलंपिक में हिस्सा लेना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है।हर खिलाड़ी चाहता है कि वह ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करे और मेडल अपने नाम करे।यही सपना संजोए देवरिया के बरहज की रहने वाली सृष्टि तिवारी दिन -रात कड़ी मेहनत कर रही हैं।वर्तमान समय भारत के खेलो इंडिया अभियान के तहत देश की चुनिंदा वॉलीबाल खिलाड़ियों में शामिल हैं और गुजरात के नडियाड में खेलो इंडिया कैंप में प्रशिक्षण ले रही हैं।वह 27 सितंबर से 10अक्टूबर तक भावनगर,गुजरात में होने वाले 36 वें नेशनल गेम्स में चंडीगढ़ टीम का हिस्सा होंगी।जिसके लिए चंडीगढ में सितंंबर माह में शुरु होने वाले ट्रेनिंग कैंप में जल्द प्रतिभाग करेंगी।

36वें नेशनल गेम्स का आयोजन गुजरात में
यह 27 सितंबर, 2022 से 10 अक्टूबर, 2022 तक आयोजित किए जाएंगे।
यह गुजरात के 6 शहरों में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें सभी 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश भाग लेंगे।
कुल मिलाकर, 36 खेलों की मेजबानी की जाएगी, जो "एकता के लिए खेल" (Sports for Unity) टैगलाइन के अनुरूप होंगे। इस साल योगासन और मल्लखंभा को खेलों की सूची में जोड़ा गया है। इस प्रकार, यह भारत में स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देगा।उद्घाटन समारोह नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय खेल 2022 गुजरात के 6 शहरों, गांधीनगर, सूरत, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा और भावनगर में आयोजित किए जाएंगे।सृष्टि के इस आयोजन में भाग लेने से देवरिया,गोरखपुर सहित कई जिलों के लोगों में खुशी का माहौल है।उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।
कई चैंपियनशिप में कर चुकी हैं प्रतिभाग
सृष्टि वॉलीबाल में सब जूनियर नेशनल व जूनियर नेशनल वर्ग में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं है।इसके साथ ही पूणे में हुए खेलो इंडिया में भी यूपी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हैं।राजस्थान,पूणे,आंध्रप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में आयोजित चैंपियनशिप में सृष्टि उत्तर प्रदेश की टीम का हिस्सा रही हैं।वर्तमान में वह भारत सरकार के खेलों इंडिया कैंप गुजरात में हैं जहां देश के बेहतरीन खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाता है।
बचपन से ही रही है खेलों में रुचि
सृष्टि के पिता जगत नारायण तिवारी ने बताया कि सृष्टि की बचपन से ही खेलों में रुचि थी।पहले वह अपने भाई के साथ दिल्ली में रहकर स्वीमिंग करती थी।फिर कुछ कारणों से वह अपने गांव आ गई।6 से 8 की पढ़ाई यही से की और साथ में रीजनल स्टेडियम गोरखपुर में तैराकी करने लगी।फिर वॉलीबाल खेलना शुरु किया ।लखनऊ के साई स्टेडियम में दाखिला मिला और साथ ही जौनपुर से 9 से 12 तक की शिक्षा पूरी की वर्तमान में वह चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं और साथ ही वॉलीबाल खेल में देश का मान बढ़ा रही हैं।
हाइट अच्छी है वॉलीबाल खेलो
सृष्टि जब दिल्ली से अपने गांव बरहज आई तो उसके कुछ समय बाद ही उन्होंने अपनी तैराकी गोरखपुर रीजनल स्टेडियम में फिर शुरु कर दी।तैराकी ठीक-ठाक चल रही थी।इसी बीच वॉलीबाल कोच बैजनाथ मिश्रा की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने सृष्टि की अच्छी हाइट देखी।उन्हेें लगा सृष्टि वॉलीबाल में बेहतर कर सकती है।फिर उन्होंने सृष्टि को वॉलीबाल खेलने के लिए प्रेरित किया और सृष्टि ने भी कोच की बात मानते हुए वॉलीबाल के लिए कड़ी मेहनत शुुरु की और आज वह देश की चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं।
पिता को मानती हैं अपना आदर्श
सृष्टि अपने पिता जगत नारायण तिवारी को अपना आदर्श मानती हैं।वह कहती हैं कि आज मैं जिस मुकाम पर हूं वह मेरे माता-पिता की देन हैं।उन्होंने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कभी भी कही खेल में प्रतिभाग के लिए मना नहीं किया।उनके सपोर्ट से ही यह सब संभव है।
ओलंपिक ही मेरा सपना
सृष्टि का कहना है कि देश के लिए ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना ही मेरा सपना है।यही सपना संजोए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं और एक दिन देश के लिए मेडल जरुर लाऊंगी।












Click it and Unblock the Notifications