छठ पूजा पर दिल्ली में जहरीले झाग से भरी यमुना नहीं आएगी नजर, केजरीवाल सरकार ने की ये पहल
Chhath Puja 2023: छठ के पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। संतान की सलामती और उन्नति के लिए 36 घंटे तक रखे जाने वाले तीन दिवसीय इस व्रत में नहाय खाय, खराना और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। छठ के मौके पर दिल्ली में पूजा करने वाले लोगों के लिए केरजीवाल सरकार की ओर से बड़ी राहत की खबर सामने आई है।

यमुना नदी में छठ पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आने वाले लोगों को नदी में झाग नजर नहीं आएगा। इस बार छठ से पहले यमुना नदी के झाग का सफाया करने का अभियान शुरू कर दिया है।
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने बताया छठ के पहले यमुना नदी की सफाई करवाई जा रही है। नदी में उफनाते हुए जहरीले झाग को हटाने के लिए वहां खाद्य-ग्रेड रसायनों और एंजाइमों का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने बताय छिड़काव टीम ने कल रात 10 नावों पर छिड़काव का काम शुरू किया।
मंत्री आतिशी ने दावा किया कि अगले दो दिनों में यमुना नदी का जहरीला झाग पूरी तरह गायब हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा लेकिन मैं उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह करना चाहूंगा कि वह अपना प्रदूषित पानी दिल्ली न भेजे।
बता दें विगत वर्षों में छठ के पावन पर्व पर यमुना नदी के किनारे उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हजारों की संख्या में लोग एकत्र होते हैं लेकिन हर बार सफेद रंग के जहरीले झाग से भरी हुई नदी में उन्हें मजबूरी में खड़े होकर सूर्य देवता को अर्घ्य देना पड़ता था। केजरीवाल सरकार ने इस बार छठ से पहले यमुना नदी से ये जहरीला सफेद झाग नहीं नजर आएगा। छठ पर पूजा करने वाले श्रद्धांलू झाग रहित यमुना नदी के पानी में खड़े होकर सूर्य भगवान की विधिवत पूजा कर सकेंगे।
बता दें छठ का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि ये शुरू होता है। नाहाय खाय से शुरू होने वाले तीन दिन के व्रत में पंचमी को खरना, छष्ठी को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है इसके बाद तीनरे और अंतिम दिन सप्तमी को उगते सूर्य को जल अर्पित कर छठी मैय्या की पूजा संपन्न होती है। इस बार छठ पूजा का पर्व छठ पूजा 17 नवंबर से शुरू होगा और 20 नवंबर को संपन्न होगा।












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