Swati Maliwal Case: बिभव कुमार को नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Swati Maliwal Case: स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में बिभव कुमार को तीस हजारी कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने बिभव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

न्यायिक हिरासत से बचने के लिए बिभव कुमार के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट को बताया कि पूरी घटना मनगढ़ंत है और उनके मुवक्किल को हिरासत में लेने से पहले नोटिस भी नहीं दिया गया।

Swati Maliwal Case Update

बिभव के वकील ने तर्क दिया कि कार्यालय में प्रवेश करने और सीएम से मिलने के लिए पूरी जगह को सीसीटीवी से कवर किया गया है। आपको पहले से अपॉइंटमेंट लेना होता ह। लेकिन, उनके (मालीवाल) पास कोई पूर्व अपॉइंटमेंट नहीं था। सुरक्षा उल्लंघन हुआ था और सुरक्षा कर्मियों द्वारा एक रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

'मकसद कहीं और है, निशाना कहीं और'

बिभव के वकील ने कोर्ट में कहा कि स्वाति मालीवाल को DCW का अध्यक्ष बनाया गया और वर्तमान में वह हमारी पार्टी की राज्यसभा सदस्य हैं। विभव के प्रति उसके मन में गुस्सा क्यों है, मैं नहीं जानता। ऐसा लगता है कि मकसद कहीं और है, निशाना कहीं और है।

'मालीवाल षडयंत्र कर रही हैं'
वकील ने आगे कहा कि वह (मालीवाल)13 मई को SHO के पास गई थी और बिना कोई शिकायत किए बाहर आ गई और फिर उसने 16 मई को जाकर शिकायत दर्ज कराई। इसे हमारे पक्ष में पढ़ा जाना चाहिए। इसका मतलब है कि वह चिंतन और षडयंत्र कर रही है। कृपया हमें सुरक्षा प्रदान करें।

अपना पक्ष रखने के बाद, हरिहरन ने मीडिया से कहा कि मैंने तर्क दिया है कि कोई मामला नहीं है और यह अंतरिम जमानत का मामला है। मैंने अग्रिम जमानत के लिए वकालत की है, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज और कवरेज में जो देखा गया है वह नहीं है। बयान में कहा गया है कि आदेश को तीन दिन की देरी से आज के लिए सुरक्षित रखा गया है।

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