सुब्रमण्यम स्वामी ने नए पासपोर्ट के लिए राहुल गांधी की याचिका का विरोध किया, दिया ये तर्क
राहुल गांधी ने संसद की सदस्यता जाने के बाद अपना डिप्लोमेटिक पासपोर्ट सरेंडर किया था। अब उन्हें नए साधारण पासपोर्ट के लिए आवेदन करने लिए कोर्ट से अनापत्ति पत्र की जरूरत है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक नया पासपोर्ट देने की याचिका का विरोध किया। कहा कि अगर पूर्व सांसद को विदेश यात्रा की अनुमति दी जाती है, तो यह नेशनल हेराल्ड मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। राहुल गांधी हेराल्ड मामले में आरोपी हैं। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) वैभव मेहता ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए सुब्रमण्यम स्वामी को समय दिया है। मामले की सुनवाई अब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 26 मई को करेगी।
दरअसल, हाल ही में राहुल गांधी ने संसद की सदस्यता जाने के बाद अपना डिप्लोमेटिक पासपोर्ट को सरेंडर कर दिया था। उसके बाद उन्होंने नए साधारण पासपोर्ट के लिए आवेदन करने का फैसला लिया। जिसके लिए उन्हें कोर्ट से अनुमति और अनापत्ति पत्र की जरूरत है। इसलिए राहुल गांधी ने कोर्ट में अर्जी डाली। लेकिन, सुब्रमण्यम स्वामी ने उसका विरोध किया। सुब्रमण्यम स्वामी नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायतकर्ता हैं।
2018 से लंबित है मामला
कोर्ट ने कहा कि मामला 2018 से लंबित है और राहुल गांधी विदेश यात्रा करते रहे हैं। वह भाग जाएगा या फरार हो जाएगा, ऐसी कोई आशंका नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यात्रा का अधिकार मौलिक अधिकार है। राहुल गांधी के वकील तर्रनम चीमा के साथ अधिवक्ता निखिल भल्ला और सुमित कुमार ने भी प्रस्तुत किया कि कोई आपराधिक कार्यवाही लंबित नहीं है और विदेश यात्रा एक मौलिक अधिकार है।
बीती 23 मई को राहुल गांधी की ओर से दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में एक नया साधारण पासपोर्ट जारी करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगी गई। नेशनल हेराल्ड केस दिल्ली की एक अदालत में चल रहा है। ऐसे में शिकायतकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने विरोध जताया है।












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