बवाना की खुशखबरी के बाद केजरीवाल ने मोदी के खिलाफ बदली ये रणनीति
नई दिल्ली। बावाना के उपचुनाव में जीत के बाद, आम आदमी पार्टी फिर से अपनी आक्रामकता की ओर बढ़ रही है। लेकिन इस बार उसका प्लान कुछ और है। इस बार आप ने जो प्लान बनाया है उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं शामिल नहीं है।। वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मोदी के खिलाफ टकराव का रुख छोड़ने की पार्टी ने सकारात्मक रुख दिखाया लेकिन यह भी संकेत दिए कि आप की आक्रामक राजनीति का अंत नहीं होगा।

बुधवार को, 45 आम आदमी विधायकों ने दिल्ली के लेफ्टिनेंट गर्वनर के निवास पर लंबित मोहल्ला क्लिनिक फाइलों के लिए जवाबदेही मांगी थी। जब वे पांच घंटे तक इंतजार कर रहे थे, तो आप नेताओं ने इंटरनेट पर लगातार पोस्ट करते रहे। इस दौरान वहां एक गर्भवती महिला भी थी जो बिना खाए पीये उनके साथ थी।
बदल गई है स्थिति
एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा हमारे लिए स्थिति बदल गई है। एक व्यक्ति पर बहुत अनुचित ध्यान देने का कोई मतलब नहीं है। अब उन पर ध्यान दें इसके बजाय, हम लंबित फाइलों पर को आगे बढ़ाएंगे और हमारी लड़ाई समस्या के आधार पर होगी। 2019 के चुनावों में बड़ी तस्वीर है और दिल्ली में हमारा अभियान के हमारे प्रदर्शन पर आधारित होगा।
हम लाना चाहते थे बदलाव
एक अन्य पार्टी नेता ने कहा कि 'हम 2015 में पार्टी के सत्ता में आने पर सिस्टम में भारी बदलाव लाना चाहते थे। लेकिन अगले कुछ महीनों में, केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी शाखा के साथ मिलकर हमारी शक्तियां कम कर दीं। लेफ्टिनेंट गवर्नर, मंत्रियों को दरिकनार कर अधिकारियों को आदेश दे रहे थे। केंद्र में जनलोकपाल बिल अटका हुआ है। हमारे हाथ बंधे हुए हैं, ऐसे में हम बड़ी मुश्किल से यह दावा कर सकते हैं कि हम सिस्टम में बदलाव कर सकेंगे।












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