बाढ़ के बाद मौसमी बीमारी का बढ़ा खतरा, दिल्ली सरकार की कितनी तैयारी? मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया
दिल्ली में यमुना का जलस्तर घटने के साथ अगले कुछ दिनों में कई इलाकों में हालात सुधर जाएंगे। लेकिन इस बीच मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ेगा। जिसके लिए अस्पतालों को पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए तैयार रहना होगा।
दिल्ली में कई दिनों तक चले बारिश के दौर के चलते यमुना में बाढ़ का पानी दिल्ली कई निचले इलाकों में अब भी देखा जा सकता है। ऐसे में लोगों को दिल्ली सरकार ने स्थिति ठीक होने तक राहत शिविरों में ही रहने की अपील की है। इस बीच दिल्ली में कंजंक्टिवाइटिस के खतरे बढ़े हैं। इसके अलावा राज्य में फंगल इंफेक्शन के भी मरीज बढ़े हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बाढ़ प्रभावितों के लिए चिकित्सा सुविधा की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिवरों में लोगों का इलाज किया जा रहा है।
संक्रामक बीमारियों के नियंत्रण को लेकर दिल्ली सरकार के प्रयासों की मंत्री सौरभ भारद्वाज ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं और उनमें मुफ्त चिकित्सा उपचार दिया जाता है। फिलहाल सभी कैंपों में दो-दो डॉक्टर समेत पारा मेडिकल स्टाफ मौजूद है। सौरभ भारद्वाज ने कहा, "हमने शिविरों की भी समीक्षा की। शिविरों में 200-250 लोग जांच के लिए आ रहे हैं। डॉक्टरों के पास ज्यादातर कंजंक्टिवाइटिस के मामले आ रहे हैं। कुछ लोग फंगल संबंधी समस्या लेकर आ रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एक आपदा प्रबंधन वार्ड स्थापित किया गया है।"

दरअसल, सोमवार (18 जुलाई) को दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने खिचरीपुर में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की समीक्षा की। जिसके बाद उन्होंने कहा कि बरसात के बाद मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसके लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में डिसास्टर मैनेजमेंट वार्ड बनाया गया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में बाढ़ प्रभावितों खाने, रहने और चिकित्सा सुविधाएं मुफ्त मिल रही हैं। मंत्री ने अपील की बाढ़े बार रुके पाने को हटाने का प्रयास करना जरूरी है। क्योंकि ये मौसमी बीमारियों की बड़ी वजह बनता है।












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