Delhi News: मद्रासी कैंप के निवासी विकल्प के बिना बेदखली का कर रहे विरोध, जानिए क्या बोले स्थानीय बाशिंदे
Delhi News: दिल्ली में नए फ्लाईओवर निर्माण के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से मद्रासी कैंप के निवासियों को पुराने बारापूला पुल क्षेत्र से बेदखल करने की योजना है। लेकिन स्थानीय लोग तब तक हटने से इनकार कर रहे हैं। जब तक कि उन्हें वैकल्पिक आवास नहीं दिया जाता। यह क्षेत्र पिछले 40 वर्षों से इन लोगों का घर है। लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में क्षेत्र में नोटिस चिपकाए। जिसमें लोगों से पांच दिनों के भीतर अपने घर खाली करने का आदेश दिया गया।
कन्नन एक फोटोग्राफर हैं और लगभग पांच दशकों से वहां रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें 11 सितंबर तक क्षेत्र खाली करने का समय दिया गया है। कन्नन ने कहा कि हमारे पास यहां रहने के प्रमाण हैं। हमने PWD से कहा कि आप अपनी जमीन ले सकते हैं। लेकिन हमें एक वैकल्पिक जगह प्रदान करें। हमारे परिवार हैं। अगर हमारे घर टूटे तो हम कहां जाएंगे।

इस कैंप में करीब 280 बच्चे पास के स्कूलों में पढ़ते हैं। लेकिन विध्वंस के बाद उनकी पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा है। कन्नन ने यह भी कहा कि यहां रहने वाले लोग इतने सक्षम नहीं हैं कि वे आसपास के इलाकों में घर किराए पर ले सकें।
एक अन्य निवासी वेणुगोपाल हाउसकीपिंग में काम करते हैं और पिछले 35 से 40 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां रहने वाले अधिकांश परिवार तमिलनाडु से हैं। जिनमें से कई का जन्म यहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि हमारे पास 1990 में जारी किए गए मतदाता पहचान पत्र हैं। हम बिना वैकल्पिक जगह दिए क्षेत्र खाली नहीं करेंगे।
बिहार से आए वसीम जाफर जिनका भाई UPSC की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार इतने पैसे नहीं कमा पाता कि वे किराए पर घर ले सकें। वसीम ने कहा कि मेरे पिता लगभग 45 साल पहले यहां आए थे और अगर हमारा घर टूट गया तो हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं होगी।
साल 1992 से यहां रहने वाले एक निवासी सेल्वराज ने कहा कि उनके पास बिजली के मीटर और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक परिधान की दुकान में काम करता हूं और पिछले 32 वर्षों से यहां रह रहा हूं। यहां लगभग 400 परिवार रहते हैं और अधिकांश तमिलनाडु से हैं। उन्होंने बताया कि जब अधिकारी नोटिस लगाने आए तो उन्होंने किसी से बात नहीं की और यहां रहने वालों के पास सभी आवश्यक दस्तावेज और 2008 से बिजली मीटर हैं।
आपको बता दें कि मद्रासी कैंप के निवासी वैकल्पिक जगह के बिना क्षेत्र खाली करने के आदेश का कड़ा विरोध कर रहे हैं। वे अपने लंबे समय से चल रहे जीवन की सुरक्षा के लिए समाधान की मांग कर रहे हैं।












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