दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर फिर बवाल, हिन्द मजदूर किसान समिति ने तोड़ी बैरिकेडिंग, लाठी चार्ज

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर: दिल्ली में सिंघु बॉर्डर के पास लंबे समय से किसानों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच आज सिंघु बॉर्डर पर जमकर हंगामा हुआ। हिन्द मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे थे और बैरिकेड को हटाने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों पर हल्के बल का प्रयोग किया। दरअसल ये लोग हाल ही सिंघू बॉर्डर निहंगो द्वारा मारे गए दलित लखबीर सिंह के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे।

People try to break barricading near Singhu Border; Delhi Police use mild force

दिल्ली पुलिस के सूत्र ने बताया कि आज कुछ लोगों ने सिंघु बॉर्डर के पास बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की जहां कृषि कानूनों के प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल पर पुलिस अधिकारियों द्वारा हल्का बल प्रयोग किया गया है। हिन्द मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता हाल ही में निहंगों द्वारा हाल में की गई लखबीर सिंह हत्या को लेकर नाराजगी जताते हुए सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे थे।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों में लखबीर सिंह के परिवार के सदस्य शामिल थे। उन्होंने बुधवार को यूपी के मुजफ्फरनगर से अपनी यात्रा शुरू की थी। प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने नरेला के पास रोका। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बाद में बैरिकेड्स लगाए गए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई।

पिछले दिनों लखबीर सिंह की सिंघु बॉर्डर पर नृशंस हत्या कर दी गई थी और हाथ काटकर उसके शव को बैरिकेड से लटका दिया गया था। उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई घाव किये गए थे। आरोपी निहंगों का दावा है कि पंजाब के तरन तारन के निवासी लखबीर ने सिखों की धार्मिक पुस्तक की बेअदबी की थी इसलिए उसे सजा दी गई। लखबीर सिंह की हत्या के बाद किसान संगठनों ने इससे खुद को अलग कर लिया था।

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    हत्याकांड के बाद से हालात तनावपूर्ण चल रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने दो निहंगों को तो गिरफ्तार कर लिया था, वहीं दो ने सरेंडर कर दिया था। ऐसे में कुल चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक तरफ किसान नेता राकेश टिकैत इसे केंद्र की एक साजिश बता रहे हैं तो वहीं सरकार भी किसान आंदोलन को 'हिंसक' बता रही है।

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