'हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे?' ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना पर बोले एडिशनल डीसीपी
Old Rajender Nagar Incident: राजधानी दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में शनिवार (27 जुलाई) देर शाम पानी भर गया। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई। इस घटना के बाद से यूपीएससी के छात्रों में काफी गुस्सा है। साथियों की मौत पर छात्रों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ओल्ड राजेंद्र नगर में राव आईएएस कोचिंग सेंटर है, जो छात्रों को UPSC की तैयारी करवाता है। शनिवार देर शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में अचानक पानी भर गया था। पानी भरने से कोचिंग सेंटर के तीन छात्रों की मौत हो गई। इस मामले में डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन का बयान सामने आया था।

उन्होंने बताया था कि शाम 7 बजे हमें सूचना मिली कि राजेंद्र नगर में UPSC कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर गया है और कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस सूचना पर दिल्ली फायर सर्विस और NDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने अभियान चलाकर तीन छात्रों के शव बरामद किए है। तीन छात्र केरल, तेलंगाना और यूपी के रहने वाले थे।
सभी शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए RML शवगृह भेज दिया है। साथ ही, उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। वहीं, अब कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण तीन छात्रों की मृत्यु होने पर छात्रों विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों मिलने राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल घटनास्थल पहुंचीं।
इस मामले में डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने कहा, 'हमने आपराधिक मामला दर्ज किया है। हमारी फोरेंसिक टीमें यहां हैं...फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया चल रही है। हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमें उचित जांच करनी चाहिए। हम एक मजबूत मामला दर्ज करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।'
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं कि पूरा बेसमेंट कैसे भर गया? ऐसा प्रतीत होता है कि बेसमेंट में बहुत तेजी से पानी भर गया और कुछ लोग बेसमेंट के अंदर फंस गए। वहीं, साथी छात्रों की मौत के बाद से कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
छात्र दिल्ली सरकार, एमसीडी और कोचिंग सेंटर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे है। सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे यूपीएससी के अभ्यर्थी ने कहा, 'हमारी मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यहां बेसमेंट में खुली ये सभी चीजें अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं और सुरक्षा के भी कोई उपाय नहीं हैं इसलिए इन सभी चीजों को रोका जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।'
प्रदर्शनकारी छात्रों से एडिशनल डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा, "तीन लोगों की मौत हुई है। हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे? हम आपको आश्वासन देते हैं कि कानूनी तौर पर जो भी संभव होगा हम करेंगे। जांच जारी है।" वहीं, इस हादसे पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आम आदमी पार्टी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक को इस मुद्दे पर घेरा।
उन्होंने कहा, यह बच्चे यहां अपना भविष्य सवांरने आए थे लेकिन दिल्ली की सरकार ने स्थानीय लोगों की एक नहीं सुनी। यहां के विधायक दुर्गेश पाठक से कहा जा रहा था कि वे नाले की सफाई करवाएं, लेकिन इसे नहीं करवाया गया। बेसमेंट में पूरा पानी भर चुका है और अंदर के फर्नीचर तैर रहे हैं। इन मृत्यु की जिम्मेदार केजरीवाल सरकार है।
वहीं, दूसरी तरफ ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना में दिल्ली की मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को भारी बारिश और बाढ़ के कारण एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में छात्रों के फंसने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिए है। आपको बता दें कि ओल्ड राजेंद्र नगर में आईएएस कोचिंग सेंटर में बचाव और तलाशी अभियान जारी है।












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