जनवरी में NCR की हवा बनी जहर, टॉप-5 प्रदूषित शहरों में दिल्ली 2nd नंबर पर, नोएडा या गाजियाबाद किस नंबर पर?
Delhi NCR Air Pollution January: जनवरी का महीना NCR के लिए हवा और पानी दोनों के लिहाज से भारी पड़ा है। प्रदूषण के आंकड़ों ने एक बार फिर डराया है। NCR के टॉप-5 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में गाजियाबाद पहले और दिल्ली दूसरे नंबर पर रही।
इसी बीच यमुना को गंदा करने वाले सीवेज पर भी सख्ती शुरू हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT ने दिल्ली जल बोर्ड और DUSIB को साथ मिलकर बड़ा कदम उठाने का आदेश दिया है।

जनवरी में क्यों बिगड़ी NCR की हवा?
जनवरी में ठंड, कम हवा की रफ्तार और वाहनों के धुएं ने NCR की हवा को और जहरीला बना दिया। गाजियाबाद सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि दिल्ली दूसरे स्थान पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैफिक, कंस्ट्रक्शन डस्ट और सीवेज से निकलने वाली गैसें मिलकर हालात और खराब कर रही हैं।
यमुना में गंदगी पर NGT की सख्ती क्यों? (NGT Yamuna Pollution Order)
प्रदूषण की सुनवाई के दौरान NGT ने पाया कि बारापुल्ला नाले के जरिए बिना ट्रीट किया गया सीवेज यमुना में जा रहा है। इस पर ट्रिब्यूनल ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) को आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया है, ताकि इस गंदे पानी को रोका जा सके।
किन इलाकों से जा रहा है सीवेज? (JJ Clusters Sewage Issue)
DJB ने ट्रिब्यूनल को बताया कि उसने आठ जेजे क्लस्टर चिन्हित किए हैं, जहां से सीवेज सीधे नाले में गिर रहा है। जल बोर्ड का कहना है कि इन क्लस्टरों में फिलहाल कई जगहों से गंदा पानी निकल रहा है, इसलिए DUSIB से मांग की गई है कि हर क्लस्टर से सिर्फ एक ही डिस्चार्ज पॉइंट बनाया जाए।
समाधान क्या सुझाया गया है? (Decentralised STP Plan)
दिल्ली जल बोर्ड ने इन इलाकों में मॉड्यूलर डीसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाने का प्रस्ताव रखा है। इन प्लांट्स की खास बात यह है कि इन्हें कम जगह में लगाया जा सकता है और ये स्थानीय स्तर पर ही सीवेज को साफ कर देते हैं। हालांकि, DJB ने साफ कहा कि इसके लिए DUSIB का सहयोग बेहद जरूरी है।
NGT ने क्या आदेश दिया? (NGT Latest Order Delhi)
NGT की बेंच, जिसमें चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर ए सेंटिल वेल शामिल थे, ने DUSIB को निर्देश दिया कि वह DJB की मांग के अनुसार तुरंत कार्रवाई करे। ट्रिब्यूनल ने कहा कि हर जेजे क्लस्टर से एक ही डिस्चार्ज पॉइंट उपलब्ध कराया जाए, ताकि DSTP लगाए जा सकें।
छह महीने में होगा काम पूरा? (DSTP Installation Timeline)
दिल्ली जल बोर्ड ने ट्रिब्यूनल को बताया कि ये DSTP छह महीने के भीतर लगाए जाने का लक्ष्य है। NGT ने दोनों एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई से कम से कम एक हफ्ते पहले अपनी प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
हवा और पानी दोनों पर खतरा क्यों बढ़ा? (Air and Water Pollution Delhi NCR)
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब हवा और पानी दोनों ही प्रदूषित हों, तो इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ता है। NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच यमुना की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट को अहम कदम माना जा रहा है।
क्या हालात सुधरेंगे? (Pollution Control Measures Delhi)
NGT का यह आदेश उम्मीद जगाता है कि अगर DJB और DUSIB मिलकर तय समय पर काम करते हैं, तो यमुना में जाने वाले गंदे पानी पर लगाम लगेगी। इससे न सिर्फ नदी साफ होगी, बल्कि दिल्ली और NCR के प्रदूषण स्तर पर भी कुछ हद तक काबू पाया जा सकेगा।












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