Kanjhawala Case: अब निधि को पूछताछ के लिए बुलाया गया, अंजलि की ज्वेलरी की तलाश कर रही है दिल्ली पुलिस
Kanjhawala Case: दिल्ली हिट एंड रन केस में पुलिस ने अब अंजलि की दोस्त निधि को पूछताछ के लिए बुलाया है। दिल्ली पुलिस हादसे की रात अंजलि ने जो ज्वेलरी पहन रखी थी उसकी भी तलाश कर रही है।

Kanjhawala Case: कंझावला केस में दिल्ली पुलिस ने अंजलि की दोस्त निधि से पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस ने साफ किया है कि हमने निधि को गिरफ्तार नहीं किया है बल्कि उसे पूछताछ के लिए बुलाया है। दिल्ली पुलिस की टीम निधि के घर पहुंची थी और उससे इस मामले में पूछताछ कर रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार हम अंजलि के फोन की तलाश कर रहे हैं। इसके साथ ही एक्सिडेंट की रात अंजलि ने जो ज्वेलरी पहन रखी थी, उसकी भी हम तलाश कर रहे हैं। संभव है कि एक्सिडेंट के बाद रात में सड़क पर उसकी ज्वेलरी गिर गई होगी।
अहम बात यह है कि दिल्ली पुलिस की टीम इस मामले में अभी तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। दिल्ली पुलिस की टीम ने आज छठे आरोपी आशुतोष को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जिन पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था उन्हें रात में मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाया गया है। दरअसल इस घटना के बाद जिस तरह से लोगों में आरोपियों को लेकर गुस्सा है उसे देखते हुए इस बात की संभावना थी कि लोग इन आरोपियों को निशाना बना सकते हैं। यही वजह है कि इन लोगों को पुलिस रात में मेडिकल के लिए लेकर गई।
हालांकि दिल्ली पुलिस पहले ही साफ कर चुकी है और कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज में यह साफ है कि आरोपियों का अंजलि और निधि से कोई लिंक नहीं है। ऐसे में इस बात से पुलिस ने इनकार किया है कि आरोपी अंजलि या निधि को पहले से जानते थे। पुलिस ने कहा कि हादसे से पहले तीन दिन में अंजलि और निधि के बीच 25-30 बार फोन पर बात हुई है। दोनों एक दूसरे से काफी करीब थीं। लेकिन पुलिस ने यह नहीं कहा है कि दोनों दोस्त थीं या नहीं।
बता कि पुलिस ने पहले 5 आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया था। लेकिन गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि इस मामले में दो और आरोपी शामिल हैं, जिनका नाम आशुतोष और अंकुश है। आशुतोष को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार बलेनो कार आशुतोष के नाम पर है। जबकि अंकुश आरोपी का भाई है। पुलिस ने बताया कि गाड़ी को दीपक नहीं बल्कि अमित चला रहा था। अमित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था यही वजह है कि दीपक ने खुद यह जिम्मेदारी ली कि गाड़ी वह चला रहा था। जबकि आशुतोष और अंकुश ने सबूतों से छेड़छाड़ की। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले को हम फास्ट ट्रैक कोर्ट में लेकर जाएंगे












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