JNUSU Election Result 2025: जेएनयू में गूंजे लाल सलाम के नारे, लेफ्ट चारों सीटों पर आगे
JNUSU Election Result 2025: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में इस साल का छात्रसंघ चुनाव रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। बैलेट पेपर से हो रही वोटों की गिनती के बीच पूरा कैंपस जश्न, नारों और उत्सुकता से गूंज रहा है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्रसंघ चुनाव 2025 का नतीजा अब बस कुछ ही घंटों में आने वाला है। कैंपस में चारो ओर लाल सलाम के नारे गूंजने लगे हैं। अब तक रुझानों में लेफ्ट यूनिटी ने चारों अहम पदों-अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और महासचिव-पर बढ़त बना ली है।

खास बात यह है कि महासचिव पद पर शुरुआती दौर में आगे चल रही एबीवीपी अब पीछे हो गई है। हालांकि बढ़त का अंतर अभी बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए मुकाबला रोमांचक बना हुआ है। पिछले चुनाव में एबीवीपी ने संयुक्त सचिव पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, ऐसे में इस बार सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लेफ्ट अपनी बढ़त बरकरार रख पाएगी या एबीवीपी पलटवार कर नया इतिहास रचेगी।
अब सबकी निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं । अब तक के अपडेट्स के लिए एक बार नीचे से गुजर जाइए
अध्यक्ष पद पर अदिति मिश्रा की बड़ी लीड
अध्यक्ष पद के लिए हो रही मतगणना में लेफ्ट यूनिटी की अदिति मिश्रा निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं। अदिति मिश्रा को अब तक 1375 वोट मिले हैं, जबकि एबीवीपी के विकास पटेल को 1192 वोट मिले हैं। तीसरे स्थान पर प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (PSA) की शिंदे विजयलक्ष्मी हैं, जिन्हें 915 वोट प्राप्त हुए हैं।
उपाध्यक्ष पद (Vice-President) के लिए लेफ्ट यूनिटी की किझाकूट गोपिका बाबू ने भारी बढ़त बना ली है। उन्हें अब तक 2146 वोट मिले हैं, जबकि एबीवीपी की तान्या कुमारी 1437 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
महासचिव और संयुक्त सचिव पद पर ABVP हुई पीछे
महासचिव पद पर एबीवीपी के राजेश्वरकांत दुबे 1496 वोटों के साथ आगे थे जो अब पीछे चल रहे हैं, जबकि लेफ्ट यूनिटी के सुनील यादव को 1367 वोट मिले हैं। वहीं संयुक्त सचिव पद पर अब तक सबसे करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस सीट पर एबीवीपी के अनुज दमारा ने मामूली अंतर से लेफ्ट के दानिश अली को पीछे छोड़ दिया है। अनुज को 1494 वोट और दानिश को 1447 वोट मिले हैं। पार्षद पदों की मतगणना में भी एबीवीपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। 47 पार्षद पदों में से अब तक 26 सीटों के नतीजे आए हैं, जिनमें से 14 पर एबीवीपी के उम्मीदवार विजयी हुए हैं।
क्यों लग रहा है देर से नतीजा?
गौरतलब है कि जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में EVM मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि यहां पारंपरिक तरीके से बैलेट पेपर से वोटिंग होती है। यही वजह है कि मतगणना में समय लग रहा है। इस साल कुल 9043 छात्र मतदाता के रूप में पंजीकृत थे और 67% मतदान हुआ है, जो पिछले साल से थोड़ा कम है।
कुल 20 उम्मीदवार मैदान में
केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों - अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव - के लिए इस बार 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और देर शाम तक चारों पदों के आधिकारिक नतीजे जारी होने की संभावना है।
जेएनयू परिसर में पूरे दिन छात्रों में गजब का उत्साह देखा गया। एबीवीपी और लेफ्ट समर्थक छात्र अपने-अपने गुटों की बढ़त पर जश्न मनाते नजर आए। वहीं, जैसे-जैसे रुझान बदल रहे हैं, परिसर में चुनावी रोमांच अपने चरम पर है। जेएनयू छात्रसंघ चुनाव 2025 का परिणाम इस बार बेहद रोचक बन गया है।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर जहां लेफ्ट यूनिटी की पकड़ मजबूत दिख रही है, वहीं महासचिव और संयुक्त सचिव पदों पर एबीवीपी ने मुकाबले को बराबरी पर ला दिया है। अब सबकी निगाहें इस ऐतिहासिक छात्रसंघ चुनाव के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।












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