दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए शुरू हुआ ग्रीन वॉर रूम
दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए प्रदेश की सरकार ने ग्रीन वॉर रूम की शुरुआत कर दी है। यह वॉर रूम 24 घंटे काम करेगा। यहां प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों का निपटारा किया जाता है। बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए 28 विभागों से मिलकर विंटर एक्शन प्लान बनाया गया है।
ग्रीन वॉर रूम में सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल किया जाता है। यहां पड़ोसी राज्यों से पराली जलने की जानकारी मिलती है, इससे जुड़े आंकड़े मिलते हैं, जिसके आधार पर पाबंदियों को घटाया या बढ़ाया जाता है। इस वॉर रूम के जरिए ग्रैप के नियमों को लागू करने में मदद मिलेगी।

अगर आज दिल्ली के अंदर 30 फीसदी से अधिक प्रदूषण कम हुआ है तो उसमे दिल्ली सरकार के साथ दिल्ली के लोगों के सहयोग की वजह से हुआ है। दिल्ली चारो ओर से घिरा है। सर्दियों के मौसम में 31 फीसदी प्रदूषण दिल्ली से होता है जबकि 69 फीसदी प्रदूषण बाहर से आता है।
ऐसे में जब सभी लोग मिलकर प्रयास करेंगे तो ही प्रदूषण कम होगा। मेरी अपील है कि ग्रीन दिल्ली ऐप को डाउनलोड करें, कहीं भी कोई दिक्कत दिखती है तो हमे इसकी जानकारी दीजिए। पिछले साल ग्रीन वॉर रूम में 70 हजार से अधिक शिकायतें मिली थी, जिसमे से 90 फीसदी शिकायतें ग्रीन वॉर रूप से सुलझाई गई हैं।
45 हजार शिकायतें एमसीडी के अलग-अलग इलाकों से आई थी, दूसरे नंबर पर पीडब्ल्यूडी से जुड़ी 10 हजार शिकायत आई, डीडीए से जुड़ी 4 हजार शिकायतें हमे मिली थी, जिसका समाधान वॉर रूम ने किया था। मुझे भरोसा है कि इस साल इस वॉर रूम के जरिए जो सपोर्ट हमे मिलता रहा है, वह आगे भी मिलेगी।
हम सीधे सैटेलाइट के जरिए पराली जलने की जानकारी हासिल करते हैं, हॉटस्पॉट की जानकारी हासिल करते हैं। हर रोज इन आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है और विंटर एक्शन प्लान को बेहतर करने की कोशिश की जाती है। आज से वॉर रूम इस काम को शुरू कर रहा है।












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