कोर्ट में बोला दीप सिद्धू- किसान संगठनों ने निकाली थी रैली, लाल किला हिंसा में मेरा हाथ नहीं
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारी किसानों ने जमकर बवाल किया था। इस दौरान लालकिले पर भी तोड़-फोड़ की गई। जिसके बाद एक्टर दीप सिद्धू का भी नाम इस घटना में आया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार को एक बार फिर दिल्ली की कोर्ट में सिद्धू की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान उनके वकील ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए जमानत की मांग की। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 12 अप्रैल को रखी है। साथ ही सिद्धू के भाषण की ट्रांसक्रिप्ट मंगवाई।

कोर्ट में सिद्धू ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किसान संगठनों ने किया था। मैं किसी भी किसान यूनियन का सदस्य नहीं हूं और ना ही मेरी ओर से लाल किले पर जाने का आह्वान किया गया। इस बात के भी कोई सबूत नहीं हैं कि मैंने भीड़ जुटाई। सिद्धू के मुताबिक उसने हिंसा से जुड़ा कोई काम नहीं किया है। साथ ही हिंसा से पहले ही आंदोलन को छोड़ दिया था।
सिद्धू ने आगे कहा कि मैंने सिर्फ एक वीडियो पोस्ट किया, वो मेरी गलती थी। गलती करना कोई अपराध नहीं है। मीडिया ने मुझे मुख्य आरोपी के रूप में पेश किया, क्योंकि मैंने सिर्फ एक वीडियो पोस्ट किया था। मीडिया ने मुझे क्यों साजिशकर्ता बताया ये नहीं पता है।
क्या हुआ था उस दिन?
दरअसल तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने एक रूट तय किया था, लेकिन कुछ उपद्रवी आईटीओ के रास्ते लालकिले पर पहुंच गए। इसके बाद वहां पर जमकर तोड़फोड़ की और निशान साहिब लहरा दिया। इसी मामले की जांच में दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था।












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