Budget 2022: MSP को अब सीधे किसानों के खाते में भेजेगी सरकार, बजट पर क्या बोले राकेश टिकैत?
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए बजट 2022-23 पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है। राकेश टिकैत ने कहा, "सरकार जो बजट पेश करती है...उसका कुछ न कुछ फायदा होता ही है। लेकिन जितना दिखाया जाता है, उतना फायदा नहीं होता। दिखाते ज़्यादा हैं और मिलता कम है।"

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बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा न होने पर भारतीय किसान यूनियन के नेता और किसान आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे राकेश टिकैत बोले, "हमारी मांग यही है कि, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गारंटी कानून बना दे। इस कानून से कम कीमत में फसलों की खरीद बंद होगी।"
टिकैत ने कहा, "अभी व्यापारियों को इसका फायदा हो रहा है जो कम कीमत में फसलों को खरीदकर महंगी कीमत पर बेचते हैं। किसान को फायदा तब होगा, जब न्यूनतम समर्थन मूल्य ही अच्छा मिले।"

गौरतलब है कि, आज निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का 10वां बजट पेश किया, जो कि बतौर वित्तमंत्री निर्मला का चौथा बजट था। कोरोना काल में यह दूसरी बार था, जब निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया है। इस बजट को लेकर जहां सत्ता पक्ष अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं विपक्षियों का कहना है कि इस बजट में आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। एक कांग्रेस नेता ने कहा कि, ''इनकम टैक्स पर आम आदमी को फिर निराशा हाथ लगी है। सरकार ने टैक्स स्लैब नहीं बदला है। साथ ही बजट में कोरोना से जुड़ी कोई रियायत नहीं है। किसानों को सिर्फ कहने को मिला है। ऐसे में किसान आंदोलन फिर से शुरू हो सकता है।'
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने किसान आंदोलन के केंद्र में रही MSP को अब सीधे किसानों के खाते में भेजने का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि, इस सत्र में 163 लाख किसानों से 1208 मीट्रिक टन गेहूं और धान खरीदा जाएगा। सीतारमण ने कहा कि MSP के जरिए किसानों के खाते में 2.37 लाख करोड़ रुपए भेजे जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कीटनाशक मुक्त खेती को बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।












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