Delhi में यमुना का जलस्तर फिर खतरे के करीब पहुंचा, तीसरी बार पार किया चेतावनी स्तर, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
Delhi Yamuna water level: दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और शुक्रवार, 15 अगस्त को नदी का पानी सबसे ऊँचे स्तर पर दर्ज किया गया। जलस्तर ने एक मीटर से अधिक की छलांग लगाते हुए तीसरी बार "वॉर्निंग लेवल" को पार कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी शनिवार सुबह तक "खतरे के निशान" यानी 205.3 मीटर को भी पार कर सकती है।शुक्रवार रात 8 बजे तक नदी का जलस्तर 205.25 मीटर तक पहुँच गया, जो खतरे के निशान से महज कुछ सेंटीमीटर दूर है।

Delhi flood warning: हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 8 बजे तक पुराना रेलवे पुल (ओल्ड रेलवे ब्रिज) पर जलस्तर 203.9 मीटर था। दोपहर 12 बजे यह 204.5 मीटर के चेतावनी स्तर तक पहुँच गया और शाम 5 बजे तक यह 205.07 मीटर पर दर्ज किया गया। यह स्तर सीजन के पिछले उच्चतम 205.15 मीटर (8 अगस्त) को भी पार कर गया।
इस बढ़ोतरी की वजह उत्तर भारत के ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी है। बैराज से गुरुवार दोपहर 1 बजे से हर घंटे 40,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार दोपहर 3 बजे यह डिस्चार्ज 65,861 क्यूसेक तक पहुँच गया था। विशेषज्ञों के अनुसार इस पानी को दिल्ली तक पहुँचने में 48 घंटे का समय लगता है, जिससे शनिवार तक जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
दक्षिण एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल (SANDRP) के सहयोगी संयोजक भीम सिंह रावत ने कहा,
"हम लगातार 40,000 से 60,000 क्यूसेक के डिस्चार्ज देख रहे हैं, जो अब यमुना के जलस्तर में दिखने लगा है। इस रफ्तार से पानी खतरे के निशान को पार कर जाएगा।"
2023 में यमुना का जलस्तर 11 जुलाई को 208.66 मीटर तक पहुँच गया था, जब हथिनीकुंड बैराज से रिकॉर्ड 3,59,760 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उस समय कई दिनों तक 1 लाख क्यूसेक से अधिक का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इसके मुकाबले पिछले साल 26 सितंबर को दर्ज उच्चतम स्तर 204.38 मीटर रहा, जो चेतावनी स्तर से भी नीचे था।
बाढ़ को लेकर क्या है प्रशासन की तैयारी?
बाढ़ एवं सिंचाई विभाग ने कहा है कि जलस्तर 206 मीटर तक पहुँचने पर निचले इलाकों से लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में पहले ही मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि 2023 जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि "आईटीओ बैराज के सभी गेट खोले जा चुके हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए पूरी तैयारी है। फ्लड कंट्रोल टीमें, इंजीनियर और राहतकर्मी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। सभी बैराज, रेगुलेटर, पंपिंग स्टेशन और ड्रेनेज सिस्टम पर करीबी निगरानी रखी जा रही है, साथ ही बैकअप व्यवस्था भी तैयार है।"












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