Old Rajendra Nagar Incident: दिल्ली की दुर्दशा का गुनहगार कौन? जानलेवा संकटों से कैसे मिले छुटकारा?
Old Rajendra Nagar Accident: देश की राजधानी में भारत की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी के अभ्यर्थियों की अपने ही कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जल भराव से हुई मौत की घटना बहुत ही असामान्य है। जो युवा देश के प्रशासनिक अधिकारी बनने निकले थे, वही सिस्टम के शिकार हो गए।
ड्रेनेज सिस्टम में गाद भरे होने से ओवरफ्लो की दिक्कत- नागरिक
दिल्ली के जिस ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके की एक आईएएस कोचिंग सेंटर की यह घटना है, इस इलाके समेत राजधानी के कुछ अन्य क्षेत्रों के लोगों की शिकायत है कि ड्रेनेज सिस्टम में गाद भरे होने से भारी बारिश की स्थिति में पानी ओवरफ्लो करना शुरू हो जाता है, जिससे अचानक आने वाली बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है।
स्टॉर्म ड्रेन्स को अतिक्रमणकारियों ने ढक दिया- एमसीडी
वहीं द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जिस क्षेत्र के कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा के तीन अभ्यर्थियों की बेसमेंट में फंसकर मौत हुई, उस ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में भारी बारिश में अतिरिक्त पानी निकालने के लिए बने स्टॉर्म ड्रेन्स को अतिक्रमणकारियों ने ढक रखा है।

बेसमेंट के स्टोर रूम को बनाया लाइब्रेरी- दिल्ली पुलिस
वहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई से एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने कहा, 'हमने दिल्ली फायर सर्विस से कहा है कि हमें बिल्डिंग और बेसमेंट के बारे में एक रिपोर्ट उपलब्ध करवाए जिसका इस्तेमाल लाइब्रेरी के लिए किया जा रहा था, जबकि इसका जिक्र 'स्टोर रूम' के रूप में है। '
दिल्ली में सिस्टम ध्वस्त?
मतलब साफ है कि तीनों तरह के बयान यह स्पष्ट करने के लिए काफी हैं कि दिल्ली में सिस्टम ध्वस्त होने की स्थिति में है। हमने राजधानी दिल्ली में पैदा हुई इस लचर व्यवस्था को लेकर यहां की राजनीति और सिस्टम की बारीकियों को समझने वाले एक जानकार व्यक्ति से बात की, जिन्होंने कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की ओर इशारा किया है।
उन्होंने नाम नहीं जाहिर होने देने की गुजारिश करते हुए दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या यहां विभिन्न एजेंसियों में तालमेल का भारी अभाव बताया है।
बड़े नालों की सफाई नहीं होने को लेकर पीडब्ल्यूडी पर उठ रही हैं उंगलियां
जहां तक दिल्ली में जल भराव की समस्या बढ़ने की वजह बताई जा रही है, इसमें पीडब्ल्यूडी पर भी उंगलियां उठ रही हैं। मसलन, दिल्ली की जितनी भी चौड़ी सड़कें हैं, उसकी जिम्मेदारी इसी के ऊपर है। लेकिन, आरोप लग रहे हैं कि कोविड के समय यानी 2021 से ही इसके अधिकांश बड़े नालों की पुख्त सफाई नहीं हो पाई है।
जाहिर है कि छोटी-छोटी नालियां आखिरकार पीडब्ल्यूडी के ही बड़े नालों से मिलती हैं। अगर बड़ा नाला ही साफ नहीं रहेगा तो छोटी नालियों में गाद की समस्या भी बढ़ेगी और बारिश होने पर पानी ओवरफ्लो भी होना शुरू हो जाएगा।
एमसीडी के जोनल प्रेसिडेंट का चुनाव क्यों लटका है?
पीडब्ल्यूडी की सड़कों के अलावा पूरी दिल्ली में सड़कों और छोटी-छोटी नालियों की सफाई और देखभाल मूलरूप से दिल्ली नगर निगम (MCD) के जिम्मे है। इसका चुनाव 2022 के ही दिसंबर में हो चुका है। लेकिन, न तो इसके 12 जोन के प्रेसिडेंट का चुनाव हो पाया है और न ही स्टैंडिंग कमेटियां बन सकी हैं। यह सब राजनीतिक वजहों से अटके पड़े हैं।
दिल्ली के मेयर का चुनाव भी अधर में!
इसका परिणाम ये हुआ है कि सभी 12 जोन में न तो ठीक से बजट बन पा रहा है और न ही सही तरीके से बाकी काम ही हो पा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि दिल्ली की मेयर भी अभी एक्सटेंशन पर चल रही हैं, जिनका कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है।
दिल्ली नगर निगम में मेयर का चुनाव हर साल होने का प्रावधान है और अब मेयर पद पर अनुसूचित जाति का चुनाव होना है। लेकिन, कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल में होने की वजह से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। दिल्ली में मेयर का पद पहले साल महिला को, दूसरे साल दलित को मिलता है और बाकी तीन साल यह पद अनारक्षित रहता है।
दिल्ली में अलग-अलग मौसम में तबाही मचाने वाले संकट
दिल्ली में सिर्फ जल भराव का संकट नहीं है। गर्मी बढ़ती है तो कई इलाकों में जल संकट शुरू हो जाता है। अक्टूबर के बाद प्रदूषण को लेकर त्राहिमाम मचना शुरू हो जाता है। बरसात के बाद के महीनों में डेंगू का खतरा पैदा होने की आशंका रहती है।
क्या है दिल्ली के संकटों का समाधान?
ऐसा नहीं है कि दिल्ली में पहले कोई समस्या नहीं होती थी। लेकिन, अब दिक्कत इसलिए आ रही है कि विभिन्न एजेंसियां तालमेल के साथ काम नहीं कर पा रही हैं। इसके पीछे राजनीति एक बहुत बड़ी वजह हो सकती है और जबतक दिल्ली में सरकार राजनीति से ऊपर उठकर समस्याओं पर काम शुरू नहीं करेगी और इसपर गंभीरता से गौर नहीं करेगी, ऐसे संकटों से छुटकारा मिलना मुश्किल है।
-
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग












Click it and Unblock the Notifications