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Delhi Violence Reason: Turkman Gate Bulldozer Action ने कुरेदे 2020 दंगों के जख्म! पत्थरबाजी-आंसू गैस, कई घायल

Delhi Violence Timeline Update News Hindi : दिल्ली के पुराने इलाके तुर्कमान गेट में 6-7 जनवरी 2026 की दरमियानी रात हुई बुलडोजर कार्रवाई ने पुराने जख्म कुरेद दिए। फैज-ए-इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की एमसीडी की एक्शन हिंसक हो गई - पत्थरबाजी हुई, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, 5 पुलिसकर्मी घायल हुए और कई लोग डिटेन किए गए।

यह इलाका 2020 दिल्ली दंगों से भी जुड़ा है, जहां हिंसा ने समुदायों को बांट दिया था। अब यह कार्रवाई फिर से तनाव बढ़ा रही है। आइए, इस घटना को विस्तार से समझते हैं - कोर्ट ऑर्डर से लेकर हिंसा तक की पूरी कहानी...

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Turkman Gate Bulldozer Action Violence Reason: क्या हुई घटना? रात 1 बजे बुलडोजर और सुबह हिंसा

6 जनवरी 2026 की देर रात करीब 1 बजे: एमसीडी ने रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट पर एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव शुरू की। 17-32 बुलडोजरों से बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकानें और पार्किंग जैसी अवैध संरचनाएं ढहाई गईं। करीब 36,000-38,940 स्क्वायर फुट जमीन साफ की गई। मस्जिद और कब्रिस्तान को छुआ नहीं गया।

कार्रवाई के दौरान लोकल लोग इकट्ठा हो गए। बैरिकेडिंग तोड़कर विरोध किया। भीड़ ने एमसीडी स्टाफ और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। 4-5 पुलिसकर्मी घायल हुए (मामूली चोटें)। 5-10 लोगों को डिटेन किया गया, और एफआईआर दर्ज हुई। जॉइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा, ' हालात कंट्रोल में हैं। इलाके को 9 जोन में बांटा, वीडियो से पत्थरबाजों की पहचान होगी।'

Turkman Gate Bulldozer Action: क्यों हुई कार्रवाई? दिल्ली हाईकोर्ट का ऑर्डर

यह एक्शन दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के 12 नवंबर 2025 के ऑर्डर पर आधारित था। कोर्ट ने एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को रामलीला ग्राउंड से सटे अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। एमसीडी ने 22 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया कि 0.195 एकड़ जमीन पर अवैध ढांचे हैं, दस्तावेज नहीं दिखाए गए।

मस्जिद प्रबंधन समिति ने इसे हाईकोर्ट में चैलेंज किया। उनका कहना - जमीन वक्फ प्रॉपर्टी है, लीज पर है; बारात घर और क्लिनिक बंद कर दिए; कब्रिस्तान पर आपत्ति। 6 जनवरी 2026 को ही कोर्ट ने नोटिस जारी किया और सभी पक्षों (एमसीडी, डीडीए, वक्फ बोर्ड आदि) से जवाब मांगा। अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2026। जस्टिस अमित बंसल ने कहा, मामला सुनवाई योग्य है।

Delhi Riots: 2020 दंगों से कनेक्शन: पुराने जख्म क्यों कुरेदे?

तुर्कमान गेट और आसपास का इलाका 2020 दिल्ली दंगों से प्रभावित था। उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगों में हिंसा यहां तक फैली थी, जहां समुदायों के बीच तनाव चरम पर था। अब यह बुलडोजर एक्शन (जो अल्पसंख्यक बहुल इलाके में है) ने पुरानी यादें ताजा कर दीं। सोशल मीडिया पर लोग इसे 'टारगेटेड' बता रहे हैं, जबकि एमसीडी कहती है - यह कोर्ट ऑर्डर पर रूटीन एक्शन। पुलिस कॉन्सपिरेसी एंगल की जांच कर रही है - क्या किसी ने भीड़ जुटाई या उकसाया?

आगे क्या? तनाव और सतर्कता

इलाके में भारी पुलिस और आरएएफ तैनात। डीसीपी निधिन वलसन ने कहा, 'कार्रवाई जारी है, लेकिन सुरक्षा प्राथमिकता।' राजनीतिक पार्टियां चुप हैं, लेकिन लोकल लीडर्स विरोध जता रहे। मस्जिद समिति कोर्ट पर भरोसा जता रही है। यह घटना दिखाती है कि अतिक्रमण हटाना जरूरी है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतनी चाहिए। उम्मीद है, कोर्ट से न्याय मिलेगा और शांति बनी रहेगी।

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