Delhi Pollution: गैस चेंबर बनी दिल्ली! अभी तक नहीं लागू हुआ GRAP-3, जानिए क्यों हो रही है देरी?
Delhi Pollution: दिल्ली की हवा फिर जहरीली हो चुकी है। राजधानी में लोगों के गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं। लेकिन इसके साथ ही दिल्लीवासी अब यह भी पूछ रहे हैं जब प्रदूषण का स्तर 'सीवियर' (Severe) के करीब पहुंच गया है, तो GRAP-3 यानी तीसरा चरण अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया?
शनिवार, 8 नवंबर को सुबह 8 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 355 रहा, जो 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में आता है। 24 घंटे का रोलिंग एवरेज 388 तक पहुंच गया। इसका अर्थ है कि हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों का स्तर इतना ज्यादा है कि सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है।

क्या कहता है नियम?
दिल्ली-एनसीआर में 350 से ऊपर AQI पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में आदेश दिया था कि GRAP-3 चरण के तहत कड़े कदम तुरंत लागू किए जाएं। इससे पहले यह सीमा 400 थी, जिसे कोर्ट ने घटाकर 350 कर दिया था ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। इसके बावजूद, शनिवार को AQI 350 पार करने के बाद भी तीसरा चरण लागू नहीं किया गया।
फिलहाल कौन सा चरण लागू है
वर्तमान में GRAP का दूसरा चरण (Stage-2) लागू है, जिसे 19 अक्टूबर को तब शुरू किया गया था जब AQI 300 के पार गया था। पहला चरण 14 अक्टूबर को ही लागू हो गया था जब हवा 'Poor' श्रेणी (AQI 201-300) में पहुंची थी। दिल्ली में पिछले दो हफ्तों में चार बार AQI ने 350 का आंकड़ा पार किया है, लेकिन अब तक सरकार ने Stage-3 लागू नहीं किया।
क्या होता है GRAP-3 लागू होने पर
अगर Stage-3 लागू किया जाता, तो दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा) में कई बड़े प्रतिबंध लागू होते, जैसे -
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल चारपहिया वाहनों पर सख्त रोक
- दिल्ली पंजीकृत डीजल मीडियम गुड्स और लाइट कमर्शियल वाहनों पर भी प्रतिबंध
- कक्षा 5 तक के स्कूलों में हाइब्रिड (ऑनलाइन+ऑफलाइन) क्लास की व्यवस्था
- निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की सिफारिश
- निर्माण गतिविधियों पर आंशिक रोक
सरकार का तर्क - Stage-2 पहले से कड़ा है
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पिछले साल दिसंबर में GRAP को संशोधित किया गया था। इस संशोधन में कई उपाय जो पहले Stage-3 में आते थे, अब Stage-2 में ही शामिल कर दिए गए हैं। जैसे -
- रोजाना वैक्यूम क्लीनिंग और वॉटर स्प्रिंकलिंग
- डीजल जनरेटर सेट्स पर पाबंदी
- सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
- सुरक्षा कर्मियों को हीटर मुहैया कराना ताकि खुले में आग न जलाएं
- गैर-सीएनजी/ईवी बसों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित
इस वजह से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CAQM) का मानना है कि Stage-2 पहले से अधिक प्रभावी है, और Stage-3 की जरूरत तभी पड़ेगी जब AQI 400 पार करेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता और गिरने की संभावना है। 9 नवंबर तक AQI के 'सीवियर' श्रेणी (400 से ऊपर) में पहुंचने की आशंका जताई गई है। अगर ऐसा होता है, तो दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 के साथ-साथ GRAP-4 की तैयारी भी करनी पड़ सकती है।












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