Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Delhi Police Missing Girls: सोशल मीडिया पर ‘मिसिंग गर्ल्स’ को लेकर डर फैलाने की साजिश? दिल्ली पुलिस का खुलासा

Delhi Police Paid Promotions: दिल्ली में अचानक लापता लड़कियों की संख्या बढ़ने को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने साफ कहा है कि इस तरह की पोस्ट और वीडियो पेड प्रमोशन के जरिए जानबूझकर वायरल किए जा रहे हैं, ताकि लोगों में डर और घबराहट पैदा की जा सके और इससे पैसे कमाए जा सकें।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 6 फरवरी को बयान जारी कर चेतावनी दी कि जो लोग अफवाह फैलाकर दहशत पैदा करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

delhi-police-expose-paid-promotions-missing-girls

Missing Girls Paid Promotion: पेड प्रमोशन से बढ़ाया जा रहा डर

दिल्ली पुलिस के अनुसार, जब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स की जांच की गई तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पुलिस ने कहा, कुछ सुरागों का पीछा करने के बाद हमें पता चला कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या बढ़ने को लेकर जो हाइप बनाया जा रहा है, वह पेड प्रमोशन के जरिए फैलाया जा रहा है। डर फैलाकर पैसे कमाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यानी, कुछ लोग जानबूझकर भ्रामक और डरावनी जानकारी फैलाकर सोशल मीडिया पर व्यूज और कमाई करना चाहते हैं।

जनवरी 2026 के आंकड़े क्या कहते हैं?

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज करते हुए आधिकारिक आंकड़े साझा किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक- जनवरी 2026 में दिल्ली में कुल 1,777 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। यह संख्या पिछले दो सालों के मासिक औसत से कम है। साल 2024 में कुल 24,893 लोग लापता हुए जबकि 2025 में यह आंकड़ा 24,508 रहा। पुलिस का कहना है कि अगर पूरे महीने का डेटा देखा जाए तो जनवरी 2026 में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है।

पहले 15 दिनों के आंकड़ों से फैला भ्रम

दरअसल, जनवरी के पहले 15 दिनों के डेटा के आधार पर यह दावा किया गया कि रोजाना औसतन 54 लोग लापता हो रहे हैं। इसी अधूरे आंकड़े को लेकर सोशल मीडिया पर डर फैलाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरे महीने का आंकड़ा देखे बिना किसी नतीजे पर पहुंचना गलत है।

दिल्ली पुलिस ने यह भी साफ किया कि लापता व्यक्ति की रिपोर्ट का मतलब हमेशा अपहरण या गंभीर अपराध नहीं होता। इनमें कई मामले ऐसे होते हैं- बच्चा स्कूल से देर से घर पहुंचा, मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क न हो पाया, कोई व्यक्ति कुछ घंटों या एक-दो दिन के लिए घर से बाहर चला गया। ऐसे मामलों में परिजन एहतियात के तौर पर रिपोर्ट दर्ज करा देते हैं।

ऑनलाइन सिस्टम की वजह से ज्यादा रिपोर्टिंग

पुलिस ने बताया कि कई मामलों में लोग जल्दी मिल जाते हैं, लेकिन परिजन इसकी जानकारी पुलिस को नहीं देते। दिल्ली पुलिस ने कहा कई मामलों का जल्दी पता चल जाता है, लेकिन माता-पिता या परिजन ट्रेस होने की सूचना नहीं देते, इसलिए वे आंकड़ों में बने रहते हैं।

दिल्ली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन और मोबाइल ऐप सिस्टम मौजूद है। इस वजह से लोग आसानी से और तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर देते हैं, खासकर एहतियात के तौर पर। इससे आंकड़े ज्यादा नजर आते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी मामले गंभीर हों।

दुनिया के बड़े शहरों से बेहतर स्थिति

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय तुलना करते हुए बताया कि राजधानी की स्थिति कई बड़े देशों से बेहतर है।

दिल्ली: 1 लाख आबादी पर करीब 122 लापता व्यक्ति

लंदन/यूके: 1 लाख पर करीब 254 मामले

अमेरिका: 1 लाख पर करीब 138 मामले

इस तुलना से साफ है कि दिल्ली की स्थिति उतनी खराब नहीं है, जैसा सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर झूठी खबरें, भ्रामक आंकड़े और डर फैलाने वाला कंटेंट फैलाकर पैसा कमाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी खबर को बिना पुष्टि के शेयर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+