Delhi Metro Update: अब पावर फेल होने का झंझट खत्म? CM रेखा गुप्ता ने खोला खास सब-स्टेशन, क्या है नई योजना?
Delhi Metro Update: दिल्ली मेट्रो से रोज सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। राजधानी में मेट्रो सेवाओं को और भरोसेमंद बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पास पार्क स्ट्रीट इलाके में बने नए इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब-स्टेशन का उद्घाटन किया है।
सरकार का दावा है कि इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने से दिल्ली मेट्रो को लगातार और निर्बाध बिजली मिलेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर का अनुभव होगा।

क्या है इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब-स्टेशन और क्यों है अहम?
इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब-स्टेशन को मेट्रो सिस्टम की रीढ़ माना जाता है। यही वह केंद्र होता है, जहां से मेट्रो लाइनों को बिजली सप्लाई होती है। पार्क स्ट्रीट में तैयार किया गया यह नया आरएसएस दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख रूटों को बिजली उपलब्ध कराएगा।
इसमें एयरपोर्ट लाइन, वायलेट लाइन यानी लाइन-6 और भविष्य में प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा मेट्रो लाइन को भी जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त 25 केवी फीडरों के जरिए मेट्रो ट्रैक को बिजली दी जाएगी, जिससे संचालन और ज्यादा स्थिर और सुचारू रहेगा।
सिर्फ 18 महीनों में तैयार, CM रेखा गुप्ता ने जताई संतुष्टि
उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस सब-स्टेशन का पुनर्निर्माण महज 18 महीनों में पूरा किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इसकी तकनीक और काम करने के तरीके की जानकारी भी ली। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नई और उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल से यह सब-स्टेशन आने वाले कई सालों तक दिल्ली मेट्रो को मजबूत सपोर्ट देगा।
CMO का बयान, भरोसेमंद और सुरक्षित मेट्रो पर जोर
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्क स्ट्रीट इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब-स्टेशन मेट्रो के प्रमुख कॉरिडोरों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इससे दिल्ली मेट्रो का संचालन और ज्यादा सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल बनेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधारोपण भी किया और यह संदेश दिया कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
'दिल्ली मेट्रो विश्वास का दूसरा नाम'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली मेट्रो को राजधानी की लाइफलाइन बताते हुए कहा कि आज मेट्रो लगभग 500 किलोमीटर के नेटवर्क की ओर बढ़ रही है। इसके बावजूद यह नो-फेल्योर मॉडल के साथ काम कर रही है, जो अपने आप में बड़ी बात है।
उन्होंने बताया कि हर दिन 35 लाख से अधिक यात्री दिल्ली मेट्रो में सफर करते हैं। ऐसे में बिजली सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट सीधे आम लोगों को प्रभावित करती है। नया सब-स्टेशन इसी चुनौती से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करना है। इसके लिए मेट्रो नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जाएगा। नए कॉरिडोरों पर जल्द काम शुरू होगा और सरकार की ओर से मेट्रो को हर जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा। उनका कहना था कि मेट्रो आधारित परिवहन प्रणाली से दिल्ली को जाम, प्रदूषण और ईंधन खपत जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
ग्रीन और स्मार्ट तकनीक से लैस है यह परियोजना
इस इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब-स्टेशन को पूरी तरह नए और आधुनिक मानकों पर तैयार किया गया है। इसमें उन्नत सब-स्टेशन ऑटोमेशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। ऊर्जा की बचत के लिए वीआरएफ एयर कंडीशनिंग सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा उपकरण भी लगाए गए हैं। खास बात यह है कि यह सब-स्टेशन ग्रीन बिल्डिंग के मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिससे पर्यावरण पर असर कम पड़े।
दिल्ली मेट्रो के भविष्य की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना सुरक्षित, आधुनिक और सतत इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बढ़ते मेट्रो नेटवर्क को भरोसेमंद बिजली सप्लाई देकर यह सब-स्टेशन दिल्ली को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। कुल मिलाकर, पार्क स्ट्रीट इलेक्ट्रिक रिसीविंग सब-स्टेशन के शुरू होने से दिल्ली मेट्रो की सेवाएं और बेहतर होंगी और यात्रियों को ज्यादा भरोसेमंद सफर मिलेगा।












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