दिल्ली मेट्रो में भी मंहगाई की मार, किराए में हो सकती है भारी बढ़ोत्तरी
पीएमओ की तरफ से हरी झंडी मिली तो दिल्ली मेट्रो में सफर के लिए तकरीबन दोगुना पैसा देना होगा। अधिकतम किराया 30 से बढ़कर 50 रुपए हो जाएगा और न्यूतम किराए मे भी बढ़ोत्तरी होगी।
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के किराए में बहुत जल्दी ही भारी बढ़ोत्तरी हो सकती है। नीति आयोग ने इस बाबत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को एक खत लिखा है, जिसमें मेट्रो के किराए में बढ़ोत्तरी करने की गुजारिश की गई है। खत में कहा गया है कि सात साल से किराया ना बढ़ने के चलते दिल्ली मेट्रो को अपनी सुविधाओं के साथ समझौता करना पड़ रहा है, ऐसे में किराए में बढ़ोत्तरी की जाए। आपको बता दें कि आखिरी बार 2009 में दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाया गया था, इसके बाद से दिल्ली मेट्रो का किराया नहीं बढ़ा है।

पीएमओ की इजाजत मिली तो दिल्ली मेट्रो में सफर के लिए किराए में तकरीबन दोगुना इजाफा होगा। नीति आयोग कि चिट्ठी की सिफारिशों को माने जाने के बाद आपको कितना किराया चुकाना पड़ेगा, ये हम आपको बता रहे हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में अधिकतम किराया 30 रुपये हैं, जिसे बढ़ाकर 50 रुपये किए जाने की बात कही गई है। वहीं मेट्रो में न्यूनतम किराया 8 रुपये किरायाहै, जिसे बढ़ाकर 10 रुपये किए जाने की बात नीति आयोग की चिट्ठी में कही गई है।
बिजली के दाम 90 फीसदी बढ़े, मेट्रो किराया ज्यों का त्यों
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र को लिखे खत में कहा है कि मौजूदा किराया से जो रकम मिल रही है वो मेट्रो की सुविधाएं और रखरखाव के लिए नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में पनगढ़िया ने प्रधानमंत्री कार्यालय से गुजारिश की है कि वह केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के साथ किराए की समीक्षा करें। आपके बता दें कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) काफी समय से लगातार किराया बढ़ाए जाने की बात कह रहा है। कॉर्पोरेशन पहले भी किराया बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के साथ केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को पत्र लिख चुका है।
2009 के बाद बिजली के दामों में 90 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो चुकी है, ऐसे में मेट्रो के परिचालन में भी 30 फीसदी ज्यादा खर्च हो रहा है लेकिन किराया ज्यों का त्यों हैं। ऐसे में 2015-16 में डीएमआरसी को 708.5 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा है, इसकी जानकारी शहरी विकास मंत्रालय की ओर से संसद को भी दी चुकी है। बीते साल साल सितंबर में भी डीएमआरसी की ओर से मेट्रो के किराए में बढ़ोत्तरी की बाबत सुझाव दिए गए थे लेकिन केंद्र और दिल्ली की सरकारों ने इसे मानने से साफ-साफ इंकार कर दिया था।












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