दिल्ली के नॉन कन्फॉर्मिंग एरिया से क्यों नहीं हटाए जाएंगे औद्योगिक क्षेत्र? मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताई वजह
दिल्ली में 28 ऐसे औद्योगिक क्षेत्र हैं, जो नॉन कंफर्मिंग इंडिस्ट्रियल एरिया के दायरे में है। जिनके विकास के लिए पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली सरकार ने कई अहम कदम उठाए। इस बीच दिल्ली सरकार में उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने नॉन कंफर्मिंग इंडिस्ट्रियल एरिया हटाए जाने के लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
दिल्ली सरकार ने नॉन कंफर्मिंग इंडिस्ट्रियल एरिया के दायरे में आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को नई पहचान के लिए कदम बढ़ाया है। पिछले वर्ष दिसंबर महीने में सरकार ने ऐसे क्षेत्रों को अनप्लांड इंडस्ट्रियल एरिया का नाम दिया था। दावा किया जा रहा है कि केजरीवाल सरकार के इस कदम के बाद नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया के फैक्ट्री मालिकों बड़ी राहत मिलेगी।

इस बीच बृहस्पतिवार को दिल्ली के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने नॉन कंफर्मिंग इंडिस्ट्रियल एरिया के दायरे में आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। एक बयान में उन्होंने कहा, "दिल्ली के जितने भी औद्योगिक क्षेत्र हैं, उनमें आधे से ज्यादा नॉन कन्फॉर्मिंग एरिया में हैं, जहां छोटी-छोटी औद्योगिक इकाइयां है, इन्हें ना हटाया जा सकता हैं, ना खत्म किया जा सकता है।"
एक बयान में मंत्री ने कहा कि नॉन कंफर्मिंग औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूद उद्योग दिल्ली के विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम रोल निभाते हैं। मंत्री ने साफ कि केवल इस बात पर कि ये उद्योग नॉन कंफर्मिंग एरिया में हैं, इन्हें हटाया नहीं जा सकता है।
इस हफ्ते मंगलवार को मंत्री ने इंडिया हैबिटेट सेंटर में सीआईआई एमएसएमई समिट में कहा कि दिल्ली का विकास जिस स्तर पर हुआ, उसमें केवल सरकारी तंत्र की भी भूमिका जितनी होनी चाहिए उतनी नहीं दिखाई देती। उद्योग और बाजारों में इसका परिणाम देखा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि डीडीए ओद्योगिक क्षेत्रों का विकास नहीं कर पाई, जिसके चलते लोगों ने जगह- जगह छोटे- छोटे उद्योग स्थापित कर लिए और इन्हें नॉन कंफर्मिंग एरिया कहा जाता है। लेकिन इन उद्योगों का दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम रोल रहा है।












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