'सत्येंद्र जैन को अयोग्य नहीं ठहरा सकते', दिल्ली HC ने जनहित याचिका को किया खारिज
नई दिल्ली, अगस्त 21। बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच चल रहा घमासान लगातार बढ़ता ही जा रहा है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ठिकानों पर सीबीआई की रेड के बाद से आम आदमी पार्टी भाजपा पर पूरी तरह हमलावर है। दिल्ली सरकार के एक मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से ही हवालात के पीछे हैं। सत्येंद्र जैन को ईडी ने गिरफ्तार किया था। अभी वो ईडी की हिरासत में ही हैं। ऐसे में उनको मंत्री पद से हटाने की मांग वाली एक जनहित याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

सत्येंद्र जैन को अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि अदालत सत्येंद्र जैन को मंत्री पद से हटाने का आदेश नहीं दे सकती। कोर्ट ने कहा है कि सत्येंद्र जैन को मानसिक रूप से अक्षम घोषित नहीं किया जा सकता और ना ही विधानसभा के सदस्य के रूप में उनकी सदस्यता को खत्म किया जा सकता है। एक तरह से इस याचिका का खारिज होना बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है।
हाईकोर्ट की बेंच ने क्या कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने कहा कि कोर्ट ने पूरे मामले को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है और याचिककर्ता के वकील को भी ध्यान से सुना है। बेंच ने कहा, "यह सच है कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और वह आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धन शोधन निवारण एक्ट के तहत कई आरोपों का सामना कर रहे हैं।
आपको बता दें कि याचिका में कहा गया था कि ईडी की पूछताछ के दौरान सत्येंद्र जैन ने खुद इस बात को माना था कि कोविड संक्रमित होने के बाद से मानसिक तौर पर बीमार हैं और अपनी याददाशत खो चुके हैं। नियमों के मुताबिक ऐसी हालत में सत्येंद्र जैन विधानसभा के सदस्य बने रहने के अधिकारी नहीं हैं।












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