Delhi Rape Case में नया मोड़, आरोपी सरकारी अधिकारी के वकील का दावा- 20 साल पहले कराई थी नसबंदी
Delhi Government Official Rape Case: मृत दोस्त की बेटी से रेप के आरोपी सरकारी अधिकारी और उसकी पत्नी को कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। इससे पहले दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को सस्पेंड कर दिया था।
आरोपी अधिकारी पर मृत दोस्त की नाबालिग बेटी के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म करने के आरोप है। पुलिस ने इस मामले में अधिकारी की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है। अब इस मामले में नया मोड आया है।

एक दिन न्यायिक हिरासत में भेजा
दुष्कर्म के इस मामले में दोनों आरोपियों-सरकारी अधिकारी और उसकी पत्नी को तीस हजारी अदालत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
वहीं आरोपी पक्ष के वकील उमाशंकर गौतम ने कहा कि हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन पर लगे गर्भधारण के आरोप झूठे और निराधार हैं, क्योंकि उन्होंने 20 साल पहले नसबंदी कराई थी।
गर्भपात करने का भी आरोप
जानकारी के अनुसारआरोपी दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक ने अक्टूबर 2020 में कोरोना से दौरान दोस्त की मृत्यु के बाद उसकी 15 वर्षीय बेटी को अपने साथ रखकर उसकी देखभाल करने की पेशकश की थी।
आरोप है कि नाबालिग लड़की साल 2020 से 2021 के बीच चार महीने तक उसके परिवार के साथ रही। इस मामले में चौंकाने वाली जानकारी ये भी निकलकर सामने आई कि नाबालिग के साथ महीनों तक दुष्कर्म किया गया और गर्भवती होने पर उसे आरोपी की पत्नी द्वारा गर्भपात के लिए मजबूर किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में मांग की है कि उन्हें नाबालिग लड़की या उसके परिवार से मिलने दिया जाए, लड़की का मेडिकल इलाज एम्स में कराया जाए या एम्स की एक टीम उसे देखे और दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी दिल्ली सरकार के अधिकारी की गिरफ्तारी में देरी की जांच की जानी चाहिए।












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