OPINION: दिल्ली सरकार की मोटर वाहन स्क्रैपिंग पॉलिशी, प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने में अहम
दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पिछले एक दशक के भीतर कई बड़े कदम उठाए हैं। वाहन स्क्रैपिंग पॉलिशी इस कदम से जुड़ा एक बड़ा निर्णय है। सरकार ने पुरानी तकनीकी और अपनी पंजीकरण की अवधि पार कर चुके वाहनों या फिर अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लिए स्क्रैपिंग नीति लेकर आई, जिसके तहत वाहन मालिकों कई बड़डी और अहम सुविधाएं दी जा रही हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने हाल ही में एक नए कर छूट प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत मालिकों को अपने पुराने वाहनों को सरकार द्वारा अधिकृत स्क्रैपर्स से स्क्रैप करवाने के बाद नए वाहन खरीदने पर छूट मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक, फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के पास भेज दिया गया है। एक बार जब वह अपनी मंजूरी दे देंगे, तो योजना को अधिसूचित कर दिया जाएगा।

दरअसल, यह स्कीम पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) में स्क्रैपिंग के लिए सौंपे गए पुराने वाहनों के पक्ष में जमा प्रमाणपत्र (सीओडी) जमा करने के बदले नए परिवहन और गैर-परिवहन वाहनों के पंजीकरण पर मोटर वाहन कर में रियायत प्रदान करती है।
वाहन मालिकों को क्या होगा लाभ
इस योजना के तहत दिल्ली के लोगों को पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करवाने पर नई गाड़ियों की खरीद पर टैक्स में छूट मिलेगी। नॉन-कमर्शियल सीएनजी और पेट्रोल वाहनों की खरीद पर 20 प्रतिशत और डीजल वाहनों की खरीद पर 15 प्रतिशत टैक्स में छूट मिलेगी।
वहीं कमर्शियल सीएनजी और पेट्रोल वाहनों की खरीद पर 15 प्रतिशत और डीजल वाहनों की खरीद पर 10 प्रतिशत टैक्स में छूट प्रदान की जाएगी। स्कीम के तहत नए वाहन की खरीद के समय पुराने वाहन का सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) दिखाना अनिवार्य होगा। यह सीओडी तीन साल तक मान्य होगा, जिससे वाहन मालिकों को लंबे समय तक इस योजना का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।












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