दिल्ली सरकार की ई- कचरा प्रबंधन नीति, नहीं दिखेंगे कूड़े के 'पहाड़'
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी में क्षेत्र में प्रदूषण को हर स्तर पर कम करने के तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार हर तरह के कूड़े को ठिकाने लगाने की योजना पर कार्य कर रही है।

दिल्ली में प्रदूषण लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। केजरीवाल सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने के साथ दिल्ली से कचरे को हटाने को लेकर गंभीर है। इससे निपटने के लिए कई स्तर पर कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी एक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए राज्य सरकार उत्तर पश्चिमी दिल्ली के होलंबी कलां क्षेत्र में ई-कचरा पार्क का निर्माण करवा रही है।
ई- कचरे से निपटने की नीति के तहत पार्क के निर्माण जल्द हो ताकि समय से कचरे को ठिकाने लगाया सरकार ये सुनिश्चित करने जा रही है। होलंबी कलां क्षेत्र में ई-कचरा पार्क के प्रोजेक्ट के लिए प्रबंधन सलाहकार जल्द नियुक्त किए जाने की बात कही जा रही है, प्रोजेक्ट से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके अलावा इस पार्क को ईको पार्क के रूप में विकसित करने की प्लानिंग तैयार करेगा। इसके साथ सलाहकार का कार्य ई-कचरे का कलेक्शन और स्टॉक, ट्रांसपोर्टेशन और रीसाइक्लिंग का विश्लेषण समेत एक ऑपरेटिंग मॉडल तैयार करेगा और संस्थागत ढांचे के साथ कार्यान्वयन रणनीति, स्टाफिंग आवश्यकता, स्टाफिंग के स्तर और कौशल की सिफारिश करेगा और खरीद योजना बनाएगा।
दिल्ली सरकार ने इस पार्क को विकसित का निर्णय पिछले साल लिया था। पार्क के निर्माण और विकास का पूरा जिम्मा एजेंसी दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) को सौंपा गया है। दिल्ली सरकार की नीति के अनुसार होलंबी कलां क्षेत्र के ई-कचरा पार्क में सभी ई कचरों को एकत्र किया जाएगा। ई-कचरे को चैनलाइज करने के लिए पार्क के 12 जोन में कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। यहां बैटरी, चार्जर, लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम और मोबाइल फोन के लिए एक बाजार भी होगा।
वर्तमान युग को डिजिटल युग कहा जाता है। जहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग चरम पर है। ऐसे में दिल्ली जैसे शहरों में ई कचरे की भरमार है। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में साल भर में लगभग 2 लाख टन ई- कचरा निकलता है। जिसे ठिकाने लागाने के इससे पहले कोई ठोस नीति नहीं थी लेकिन अब दिल्ली सरकार राज्य में प्रदूषण को कम करने की नीति के तहत ई-कचरा प्रबंधन पार्क बनाकर वैज्ञानिक तरीके से इस समस्या से पार पाने की योजना पर कार्य कर रही है।












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