दिल्ली शराब घोटाले में PAC को सौंपी जाएगी CAG Report, केजरीवाल-सिसोदिया की बढ़ सकती हैं मुश्किल, अब आगे क्या?
Delhi CAG Report: दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में दिल्ली विधानसभा में CAG की रिपोर्ट पेश की गई है, जिसे अब पब्लिक अकाउंट्स कमेटी यानी PAC को भेजा जाएगा। PAC इस रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपेगी।
CAG की रिपोर्ट में शराब नीति में गड़बड़ी और सरकारी खजाने को हुए नुकसान का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमों को ताक पर रखकर कई छूट दी गईं, जिससे दिल्ली को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

CAG Report: दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि PAC में 12 सदस्य होंगे, जिनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक शामिल होंगे। PAC की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। PAC की जांच में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित नीति निर्माण से जुड़े अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को समन भेजा जा सकता है।
PAC की 12 सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की समीक्षा करेगी। यह समिति पक्ष और विपक्ष के विधायकों से मिलकर बनाई जाएगी। PAC की रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
CAG Report में क्या हुआ खुलासा?
CAG की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली सरकार की आबकारी नीति से सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कई व्यापारिक समूहों को अनुचित छूट दी गई, जिससे नीति के नियमों का उल्लंघन हुआ और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
PAC क्या है और इसकी भूमिका क्या होगी?
पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) भारत की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में सरकारी खर्चों की जांच करने वाली एक प्रमुख समिति होती है। इसका मुख्य कार्य सरकारी विभागों द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन की समीक्षा करना और संभावित गड़बड़ियों की जांच करना होता है। अब PAC इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विधानसभा को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
CAG Report: क्या होगी आगे की कार्रवाई?
PAC की जांच पूरी होने के बाद, अगर किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि होती है, तो इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों और राजनेताओं के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। इसके अलावा, इस मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा में भी तीखी बहस होने की संभावना है।
अब देखना यह होगा कि PAC की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। इस घोटाले को लेकर सियासत भी गरमाती जा रही है और आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति में बड़ा हलचल देखने को मिल सकती है।












Click it and Unblock the Notifications