Delhi Chunav 2025: कौन हैं दिल्ली के सबसे युवा उम्मीदवार अरीबा खान और उमंग बजाज? क्यों हो रही है इनकी चर्चा?
Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। दिल्ली चुनाव में इस बार कई युवा चेहरे भी देखने को मिलेंगे। दिल्ली चुनाव में इस बार युवा उम्मीदवारों की भी खूब चर्चा हो रही है। ओखला विधानसभा सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने 29 साल की अरीबा खान को टिकट दिया है।
अरीबा खान आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। अरीबा खान पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान की बेटी हैं और कालिंदी कुंज में रहती हैं। अरीबा खान एमसीडी के चुनाव में वाजिद खान को शिकस्त दे चुकी हैं। अरीबा खान पढ़ाई के दौरान से ही सोशल वर्क में शामिल रही हैं। राजनीति में वो अपने पिता की वजह से आई हैं।

हालांकि पहले चर्चा थी कि कांग्रेस ओखला के पूर्व विधायक परवेज हाशमी की बहू इशरत जहां को टिकट देगी लेकिन कांग्रेस ने अरीबा खान पर दांव खेला है। ओखला सीट से भाजपा ने मनीष चौधरी को टिकट दिया है। एआईएमआईएम से शफा उर रहमान चुन लड़ रहे हैं।
भाजपा ने भी युवा उम्मीदवार उमंग बजाज पर खेला दांव
दिल्ली के दूसरे युवा उम्मीदवार उमंग बजाज हैं। उमंग बजाज को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से टिकट दिया है। उमंग बजाज वार्ड 139 के पार्षद भी हैं।
उमंग दिल्ली के जाने-माने बिजनेसमै उमेश बजाज के बेटे हैं। उनका ध्यान युवा पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने पर है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवा में सुधार और शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने की योजना है।
Delhi Election Schedule 2025: दिल्ली चुनाव शेड्यूल?
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 70 सीटों पर एक चरण में 5 फरवरी को वोटिंग होनी है। वहीं मतगणना 8 फरवरी को होगी। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए 6 जनवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली में 1,55,24,858 पंजीकृत मतदाता हैं। जो पिछली लिस्ट से 1.09% ज्यादा हैं।
नई दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को चुनौती देने के लिए भाजपा ने पूर्व सांसद और दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे परवेश वर्मा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने इसी सीट से दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा ने कालकाजी में दिल्ली की सीएम आतिशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को भी मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक अलका लांबा को मैदान में उतारा है। लगातार 15 वर्षों तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी हाल के चुनावों में संघर्ष करती रही है, पिछले दो विधानसभा चुनावों में उसे कोई सीट नहीं मिली। AAP ने 2020 के चुनावों में 70 में से 62 सीटें हासिल करते हुए जीत हासिल की, जबकि भाजपा को केवल 8 सीटें मिलीं।












Click it and Unblock the Notifications