Delhi Chunav 2025: दिल्ली में ऊंची जातियों का दबदबा,ब्राह्मणों की आबादी सबसे ज्यादा,क्या है चुनावी गुणा गणित?
Delhi Chunav 2025: बिहार और यूपी की चर्चा ज्यादा होती है, लेकिन देश में कहीं भी चुनावी गुणा गणित में आखिरकार जातिगत समीकरण बहुत ही ज्यादा मायने रखता है। दिल्ली देश की राजधानी है, यहां की अधिकांश आबादी शहरी है। फिर भी चुनाव में जातियों की भूमिका यहां भी महत्वपूर्ण रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के सूत्रों से जो जानकारी मिलती है, उसके हिसाब से राजधानी से जुड़े तथ्य चौंकाने वाले हैं। दिल्ली में ऊंची जातियों या प्रभावशाली जातियों की आबादी बाकियों की तुलना में कहीं ज्यादा अनुमानित है।
दिल्ली विधानसभा में विधायकों को भी देखें तो पता चलता है कि ऊंची जातियों का प्रतिनिधित्व तुलनात्मक रूप से काफी बेहतर रहा है। यही हाल इस बार टिकटों के बंटवारे में भी नजर आया है और इसे तीनों ही प्रमुख पार्टियों, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों में देखा जा सकता है।

Delhi Chunav 2025: दिल्ली में ऊंची जातियों के हाथों में ही चुनाव का परिणाम?
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से जुटाए गए अनुमानित आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में ऊंची जातियों की आबादी 35% से 40% तक है। इसके बाद ओबीसी जातियों की जनसंख्या है, जिसमें जाट और गुर्जरों की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। ओबीसी जातियों की कुल जनसंख्या मोटे तौर पर 30% अनुमानित है। इसमें जाट सबसे ज्यादा हैं। इन दोनों के बाद यादवों की आबादी है।
ऊंची जातियों में सबसे ज्यादा ब्राह्मणों की आबादी बताई जाति है, जिनकी जनसंख्या 13% होने का अनुमान है। इसके बाद 8% राजपूत,7% वैश्य, 5% पंजाबी खत्री और बाकी सामान्य वर्ग की अन्य जातियां हैं।
दिल्ली में ऊंची जातियों, ओबीसी के बाद सबसे ज्यादा जनसंख्या दलितों (SC) की है, जो 16% अधिक है। वहीं दिल्ली में 13% मुसलमान और 3.5% सिखों की जनसंख्या है।
Delhi Chunav 2025: ऊंची जातियों को टिकट देने के मामले में 'आप' सबसे आगे
यही वजह है कि इस बार के चुनाव में भी तीनों प्रमुख दलों और उनके गठबंधन वाले दलों के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में ऊंची जातियों का फिर से काफी बोलबाला नजर आ रहा है। बीजेपी और इसकी सहयोगियों के 70 उम्मीदवारों में 45% ऊंची जातियों से ताल्लुक रखते हैं।
कांग्रेस ने ऊंची जाति के लोगों को सबसे कम टिकट दिया है, लेकिन फिर भी उसकी लिस्ट में सबसे ज्यादा अगड़ी जाति के ही प्रत्याशी हैं। पार्टी इनके 35% उम्मीदवारों को उतारा है, जो कि इनकी अनुमानित आबादी के ही मुताबिक है। लेकिन, जब अगड़ों को टिकट देने की बारी आई तो सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने सबको पीछे छोड़ दिया है और इसके लगभग आधे या 48% उम्मीदवार ऊंची जातियों के हैं।
दिल्ली में ब्राह्मणों की अनुमानित जनसंख्या सबसे ज्यादा है तो उसका असर भी उम्मीदवारों पर दिख रहा है। इस मामले में आरक्षण की सीमा को तोड़ देने और जातिगत जनगणना की हवा बनाने वाले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की पार्टी ने इस मामले में बीजेपी को पछाड़ दिया है।
Delhi Chunav 2025: ब्राह्मणों को टिकट देने के मामले में कांग्रेस,आप ने बीजेपी को पछाड़ा
कांग्रेस ने दिल्ली में 17% ब्राह्मणों को टिकट दिया है, जबकि बीजेपी ने उससे कम 16% ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे हैं। एक बार फिर इस मामले में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सबसे आगे है, जिसके 19% प्रत्याशी ब्राह्मण हैं।
Delhi Chunav 2025: बीजेपी ने वैश्यों पर जताया सबसे ज्यादा भरोसा
अलबत्ता विरोधियों की ओर से ब्राह्मण-बनिया की पार्टी होने का तंज झेलती आ रही बीजेपी ने सबसे ज्यादा वैश्यों को जरूर टिकट दिया है, जिसने 17% उम्मीदवार इसी बिरादरी से उतारे हैं।
अगर अशोका यूनिवर्सिटी के त्रिवेदी सेंटर के आंकड़ों को देखें तो दिल्ली के मौजूदा विधायकों में 50% ऊंची जातियों के हैं, इनमें भी 40% आप के एमएलए हैं। बीजेपी के 8 विधायकों में से 6 ऊंची जातियों से ताल्लुक रखते हैं।












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