Delhi Pollution Severe: लाहौर के बाद दिल्ली में हवा हुई 'बेहद जहरीली'! इस सीजन में पहली बार AQI 400 पार
Delhi Pollution Severe: हाल ही में, लाहौर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 1000 के पार दर्ज किया गया। अब, भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर की हवा भी बेहद जहरीली स्थिति में पहुंच चुकी है। 13 नवंबर यानी बुधवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया, जिससे राजधानी के निवासियों को जहरीली हवा और घने कोहरे का सामना करना पड़ा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 418 दर्ज किया गया, जो NCR के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले सबसे खराब था।

दिल्ली और NCR के प्रमुख इलाकों का AQI
- दिल्ली: AQI 418 (गंभीर)
- गुरुग्राम: AQI 321 (बहुत खराब)
- नोएडा: AQI 359 (बहुत खराब)
- ग्रेटर नोएडा: AQI 364 (बहुत खराब)
- फरीदाबाद: AQI 262 (खराब)
बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 366 था, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है, लेकिन धीरे-धीरे इसमें वृद्धि होने के कारण यह 'गंभीर' श्रेणी तक पहुंच गया। इस वायु प्रदूषण के कारण दृश्यता भी काफी कम हो गई, जिससे दिल्ली और NCR में यातायात प्रभावित हुआ।
AQI कैटेगरी को यहां समझें
- 0-50: अच्छा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बहुत खराब
- 401-450: गंभीर
- 450 से ऊपर: बेहद गंभीर
दिल्ली के 36 निगरानी स्टेशनों में से 30 ने बुधवार को AQI को 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया, जो कि दिल्ली के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।
कोहरे और वायु प्रदूषण का असर
बढ़ते प्रदूषण के कारण सुबह दिल्ली में घना कोहरा छा गया, जिससे हवाई और रेल यातायात भी बाधित हुआ। दिल्ली हवाई अड्डे पर दृश्यता कम होने की वजह से सात उड़ानों का रूट बदला गया, जिसमें सात जयपुर और एक लखनऊ की उड़ान थी। इसी तरह, रेल यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं।
क्या है प्रदूषण बढ़ने की वजहें?
दिल्ली में लगातार 14 दिनों तक वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' रही, और मंगलवार को AQI 334 दर्ज किया गया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के अनुसार, फिलहाल वायु प्रदूषण में कमी के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। प्रदूषण में वृद्धि के मुख्य कारण...
- वाहनों से उत्सर्जन: लगभग 15.4% प्रदूषण का कारण।
- पराली जलाना: आस-पास के राज्यों में पराली जलाने से भी प्रदूषण स्तर में वृद्धि हुई, जिससे दिल्ली में धुंध की परत जम गई।
- धीमी हवा की गति: हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषकों का फैलाव कम हुआ, जिससे प्रदूषण बढ़ता गया।
स्वास्थ्य पर प्रदूषण का असर
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'गंभीर' AQI श्रेणी का स्तर श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, और पहले से सांस की समस्याओं से ग्रस्त लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और 'गंभीर' AQI स्तर ने एक बार फिर से प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत को उजागर किया है। लोगों को प्रदूषण से बचने के लिए घर में रहने, मास्क पहनने, और बाहरी गतिविधियों को कम करने की सलाह दी गई है। सरकार और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।












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