Covid-19: HC का सांसद गौतम से गंभीर सवाल- 'फैबीफ्लू 'को फ्री बांटने का लाइसेंस किसने दिया?

नई दिल्ली, 28 अप्रैल। हाईकोर्ट ने बीजेपी सांसद और मशहूर क्रिकेटर गौतम गंभीर से सवाल किया है कि 'क्या उन्हें कोरोना इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाली दवा 'फैबीफ्लू' को फ्री बांटने का कोई लाइसेंस मिला है, आखिर वो कैसे और किसी आधार पर ये दवा मुफ्त बांट रहे हैं। दिल्ली में ऑक्सीजन संकट में दर्ज सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जस्टिस सांघी और रेखा पल्ली की बेंच ने सीधे शब्दों में सांसद गौतम से गंभीर सवाल किया है कि वो किसके कहने पर कैसे 'फैबीफ्लू' को मुफ्त में बांट रहे हैं?

Covid-19: फैबीफ्लू को फ्री बांटने का लाइसेंस किसने दिया?

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    आपको बता दें कि गौतम गंभीर ने हाल ही में ऐलान किया था कि वो अपने संसदीय क्षेत्र में करोना की दवा दवा 'फैबीफ्लू' और ऑक्सीजन सिलेंडर फ्री में लोगों को देंगे, जिस किसी को भी इसकी जरूरत है वो उनसे उनके ऑफिस 22 पूसा रोड और सांसद कार्यालय जागृति एन्क्लेव पर कलेक्ट कर सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरतमंद को डॉक्टर की पर्ची और आधार कार्ड दिखाना होगा।

    आप ने लगाए गौतम गंभीर पर जमाखोरी का आरोप

    मालूम हो कि गंभीर के इस ऐलान के बाद आप पार्टी ने उन पर जबरदस्त हमला बोला था। पार्टी ने गौतम गंभीर पर दवा और सिलेंडर की जमाखोरी का आरोप लगा दिया था। आप ने सवाल उठाए थे कि जो दवा लोगों को मिल नहीं पा रही है, वह गंभीर के पास इतनी बड़ी मात्रा में कैसे उपलब्ध है?।

    Covid-19: फैबीफ्लू को फ्री बांटने का लाइसेंस किसने दिया?

    जिस पर गंभीर काफी भड़क गए थे। आप के इस आरोप पर बरसते हुए गंभीर ने कहा था कि 'आप पार्टी का दिमाग पूरी तरह से खराब हो चुका है। यदि किसी वितरक से प्राप्त की गई फैबिफ्लू के कुछ 100 पत्ते जरूरतमंदों को मुफ्त में दी जा रही है तो क्या इसे जमाखोरी कहा जा सकता है?, आप लोग अंदाजा लगा लीजिए ये पार्टी किस हद तक जा सकती है, किसी के भी बारे में ये कुछ भी कह और कर सकते हैं।'

    हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली सरकार की क्लास

    दिल्ली के अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाई कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर आपसे चीजें संभल नहीं रही हैं तो हमें बता दीजिए। साथ ही उसने निर्देश दिया कि कोई भी हॉस्पिटल कोविड रोगियों को दाखिल करने से मना नहीं कर सकता है। अस्पताल को आपातकालीन रोगियों के लिए 10-15 मिनट के भीतर उपस्थित होकर उन्हें ऑक्सीजन और दवाइयां देना अनिवार्य है।

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