'भगवान प्रकट होंगे और सबको बचा लेंगे', मौत की साधना कर 11 लोग कैसे बने लाश?
दिल्ली। बुराड़ी के संतनगर स्थित घर में एक परिवार के 11 सदस्यों की लाशों के मिलने के बाद क्राइम ब्रांच मामले की जांच में जुटी है। शनिवार और रविवार के बीच उस रात को घर में मौत की साधना की गई थी। घर में मिले रजिस्टर में इस साधना के सारे नियम लिखे गए हैं। भगवाने को प्रकट करने के लिए लिखे गए नियमों को फॉलो करके सभी लोग मारे गए। रजिस्टर में लिखा था कि सभी फांसी लगाएंगे तो भगवान प्रकट होकर बचा लेंगे। बताया जा रहा है कि इस साधना की प्लानिंग ललित और भूपी, दोनों भाइयों ने मिलकर की थी।

साधना के लिए शनिवार का दिन चुना
रजिस्टर में लिखा है कि साधना मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार में से किसी दिन की जा सकती है। शनिवार को सबसे अच्छा दिन माना गया और रजिस्टर में लिखा कि यह सबसे उचित समय है। पुलिस का फिलहाल कहना है कि रजिस्टर में ललित की लिखावट है। इसका अर्थ यह हुआ कि पांच वर्षों से मौन व्रत कर रहे ललित ने रजिस्टर में लिखकर सारी प्लानिंग की जिसमें बड़ा भाई भूपी सहयोग कर रहा था।

रात के एक बजे के बाद साधना
रजिस्टर में लिखा कि शनिवार की रात एक बजे के बाद साधना की जाएगी। साधना से पहले नहाना नहीं है, सिर्फ हाथ-पैर धोकर बैठना है। इसके बाद हाथ-पैर खुद ही सब बांधेंगे। बुजुर्ग माता के बारे में लिखा कि साधना के लिए वो स्टूल पर नहीं चढ़ पाएंगी और ज्यादा देर तक खड़ी भी नहीं हो पाएंगी इसलिए उनकी साधना दूसरे कमरे में होगी।

सारे मोबाइल मंदिर के पास रखे
साधना में पहले सबने मोबाइल को साइलेंट मोड पर रखकर पॉलिथीन में रखा और उसे बांधकर घर में मंदिर के पास रख दिया। साधना के लिए गले में बांधते समय किसको कौन सी चुन्नी का इस्तेमाल करना है, ये भी रजिस्टर में लिखा हुआ था। साधना के वक्त किसी के चेहरे पर डर नहीं होना चाहिए इसलिए आंखों और कानों को बंद करने होंगे। मोक्ष पाने के लिए जीवन त्यागने का कष्ट सहना होगा। रजिस्टर में बरगद के पेड़ की पूजा पर जोर दिया गया है। ये लिखा गया कि जब सभी लोग फांसी लगा लेंगे तो भगवान प्रकट होंगे और सबको बचा लेंगे। रजिस्टर के पन्नों में जो बातें लिखी गईं, शनिवार की रात में एक बजे के बाद कुछ उसी तरह से साधना को किया गया जिसके बाद सभी मारे गए।

रविवार की सुबह उसी तरह से लटकी मिली लाशें
बुजुर्ग मां की साधना दूसरे कमरे कराई गई, मतलब उनका गला दबाकर मारा गया। बाकी दस लोग छत में लगे लोहे के जाले से चुन्नी और साड़ी के सहारे लटके। कुछ के हाथ पीछे बंधे हुए थे, पैर भी बंधे थे। सिर्फ ललित और बीवी के हाथ खुले थे। पुलिस का कहना है कि ललित और उसकी बीवी ने बाकियों को फांसी से लटकाया और खुद भी लटक गए। भगवार को पाने की यह साधना 11 मौतों के साथ संपन्न हुई लेकिन इस मामले की तहकीकात जारी है। हो सकता है कि साधना की आड़ में किसी ने गहरी साजिश की हो। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।












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