दिल्ली में कैश वैन के लुटेरे 'नए नोट में चिप' की अफवाह से फंसे, लूट के बाद गंगा में लगाई डुबकी
पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे लूट के बाद हरिद्वार और ऋषिकेश गए। जहां उन्होंने गंगा में डुबकी लगाई और मंदिरों में दर्शन भी किया। तीनों उसके बाद कुछ समय के लिए मसूरी भी गए।
नई दिल्ली। बीते सप्ताह हुई एक कैश वैन लूट के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को पांडवनगर एरिया से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 9.5 लाख रुपये भी बरामद किए गए जो उन्होंने कैश वैन से लूटे थे। आरोपियों के पास एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लूट के बाद एक भी पैसा खर्च नहीं किया क्योंकि उन्हें डर था कि नए नोटों में लगी चिप की वजह से वे पकड़े जा सकते हैं। लूट के बाद वे गंगा नहाने के लिए हरिद्वार गए।

तीन युवकों ने रची लूट की साजिश
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस घटना का मास्टरमाइंड बिट्टू (29) है। वह दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली एक कंपनी डिस्कॉम के एक अधिकारी का ड्राइवर था। उसने कई बार एटीएम में पैसे भरे जाते समय कैशवैन को देखा जिनके आसपास ज्यादा सुरक्षा नहीं होती थी और न ही भीड़ होती थी। ऐसे में उसके दिमाग में लूट का प्लान आया। वह अकेले वारदात को अंजाम नहीं दे सकता था इसलिए उसने अपने साथ रोहित नागर (19) और सन्नी शर्मा (22) को भी मिला लिया। तीनों ने पूरी प्लानिंग के साथ कैशवैन लूटने की तैयारी की। उन्होंने कई कैशवैन को फॉलो किया और उनके आने-जाने के समय, सिक्योरिटी, पार्किंग आदि पर गौर किया। इस दौरान उन्होंने वह मौके तलाशे जहां से वे वारदात को अंजाम दे सकें। वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने सिविल लाइन एरिया से एक बाइक चुराई और बिट्टू के एक दोस्त की मदद से नंबर प्लेट बदल दी।
दिल्ली छोड़कर भागे थे हरिद्वार
19 दिसंबर को तीनों आरोपियों ने शकरपुर, लक्ष्मीनगर और निर्माण विहार इलाकों में कई बार कैशवैन लूटने की कोशिश की लेकिन लोगों की भीड़ देखकर वे डर गए। लेकिन पटपड़गंज क्रॉसिंग के पास उन्होंने कम भीड़ देखकर वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने पहले वैन के गार्ड को डराने के लिए फायरिंग की और फिर वैन में सवार दूसरे सदस्यों में भी थोड़ी मारपीट हुई। उन्होंने उनसे पैसों से भरे बैग छीन लिए और भाग खड़े हुए। एक नाले के पास उन्होंने बैग खाली किए और बाइक भी वहीं छोड़कर चले गए। घर पहुंचने के लिए उन्होंने दो बार ऑटोरिक्शा बदले ताकि कोई पकड़ ना सके। एक दिन बाद तीनों हरिद्वार भाग गए। लूट के बाद सुरक्षित भागने के बावजूद तीनों ने उस रकम में से कुछ भी खर्च नहीं किया क्योंकि टीवी पर न्यूज में उन्होंने देखा था कि नए नोटों में जीपीएस चिप लगी है।
हरिद्वार के बाद मसूरी भी गए
पुलिस तीनों को ढूंढ़ पाने में नाकाम थी। इसके लिए चार टीमें बनाई गई थीं। मुखबिर की सूचना के बाद तीनों को सोमवार को ईस्ट दिल्ली स्थित एक मॉल के पास गिरफ्तार किया गया। वे एक चोरी की कार में घूम रहे थे। पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे लूट के बाद हरिद्वार और ऋषिकेश गए। जहां उन्होंने गंगा में डुबकी लगाई और मंदिरों में दर्शन भी किया। तीनों उसके बाद कुछ समय के लिए मसूरी भी गए। वहां से लौटते वक्त उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।












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