AI Summit 2026 Day 2: 200 बिलियन डॉलर का निवेश, जल्द आने वाला है ‘AI का UPI’, दूसरे दिन क्या-क्या हुई घोषणा?
AI Summit 2026 Day 2 Key highlights: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा India AI Impact Summit 2026 दूसरे दिन और भी ज्यादा जोश, भीड़ और बड़े ऐलानों के साथ आगे बढ़ा। पहले दिन की कुछ व्यवस्थागत चुनौतियों के बाद मंगलवार (17 फरवरी) को मंच पर आए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ शब्दों में माफी भी मांगी और भरोसा भी दिलाया कि अब अनुभव पहले से बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर एक "वॉर रूम" लगातार काम कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान हो सके। अगर किसी को पहले दिन असुविधा हुई हो तो उसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद जताया और फीडबैक देने की अपील की।

70 हजार की मौजूदगी, रिकॉर्ड तोड़ प्रतिक्रिया
दूसरे दिन करीब 70,000 लोग समिट में पहुंचे। आयोजकों के मुताबिक पूरे आयोजन के दौरान ढाई लाख से ज्यादा आगंतुकों के आने की उम्मीद है। यह समिट 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है और 17 फरवरी से इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि विज्ञान और तकनीक तभी सार्थक है जब वह आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाए। उन्होंने दोहराया कि इस समिट का मकसद AI को "सार्वजनिक भलाई" के लिए इस्तेमाल करना है।
असमानता का खतरा और DPI की जरूरत (Digital Public Infrastructure Warning)
दूसरे दिन नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक अहम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी DPI के मजबूत ढांचे में नहीं ढाला गया, तो यह तकनीक दुनिया को और ज्यादा असमान बना सकती है।
कांत ने यह भी दावा किया कि ओपन AI और चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भारत से अमेरिका की तुलना में 33 प्रतिशत ज्यादा डेटा जा रहा है। उनका इशारा साफ था-भारत AI इकोसिस्टम में डेटा के लिहाज से बेहद अहम भूमिका निभा रहा है और इसे रणनीतिक तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है।
200 बिलियन डॉलर का निवेश और 'AI का UPI' (AI Investment & AI ka UPI)
अश्विनी वैष्णव ने मंच से बड़ा ऐलान किया कि अगले दो वर्षों में AI स्टैक की पांच परतों में 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश देखने को मिल सकता है।
उन्होंने एक और दिलचस्प पहल की घोषणा की-'AI का UPI'। इसका मतलब होगा एक ऐसा प्लेटफॉर्म, जहां भरोसेमंद AI समाधान एक जगह उपलब्ध होंगे और डेवलपर्स उस पर नए प्रोडक्ट्स बना सकेंगे। ठीक वैसे ही जैसे UPI ने डिजिटल पेमेंट में क्रांति ला दी।
रोजगार से लेकर चाइल्ड सेफ्टी तक गहन बहस (Jobs, Healthcare & Child Safety)
दूसरे दिन के सत्रों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर रही कि AI नौकरियों को कैसे प्रभावित करेगा। ऑटोमेशन से रोजगार के स्वरूप में बदलाव, हेल्थकेयर में AI टूल्स का इस्तेमाल, एल्गोरिदम की पारदर्शिता और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पैनल डिस्कशन हुए।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक को जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ अपनाना जरूरी है, वरना इसके सामाजिक दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते हैं।
एक्सपो में 600 स्टार्टअप, 13 देशों की भागीदारी (India AI Impact Expo)
समिट के साथ-साथ चल रहे India AI Impact Expo में 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स अपने समाधान प्रदर्शित कर रहे हैं। 13 देशों के पवेलियन यहां मौजूद हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्सपो का उद्घाटन किया और कई स्टॉल्स का दौरा कर स्टार्टअप्स से बातचीत भी की। उन्होंने इसे "आइडिया, इनोवेशन और इंटेंट" का संगम बताया।
फ्रांस के राष्ट्रपति की एंट्री (Emmanuel Macron Visit)
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों भारत दौरे पर पहुंच चुके हैं। मुंबई में कार्यक्रमों के बाद वे दिल्ली आकर इस समिट में शामिल होंगे। इससे आयोजन का वैश्विक महत्व और बढ़ गया है।
बिहार से अर्जेंटीना तक, हर तरफ चर्चा (Global & State Participation)
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य AI के जरिए 'विकसित भारत' के लक्ष्य में योगदान दे रहा है। वहीं अर्जेंटीना के भारत में राजदूत मारियानो काउसीनो ने इसे भारत सरकार की बड़ी सफलता बताया।
गेट्स फाउंडेशन ने भी स्पष्ट किया कि बिल गेट्स समिट में शामिल होंगे और तय कार्यक्रम के मुताबिक कीनोट संबोधन देंगे।
'Sarvam Kaze' ने खींचा ध्यान (Indigenous AI Wearable)
समिट में प्रधानमंत्री मोदी को 'Sarvam Kaze' नामक स्वदेशी AI डिवाइस आजमाते हुए देखा गया। यह चश्मे जैसा पहनने वाला उपकरण है जो सुन सकता है, समझ सकता है और यूजर के नजरिए से दुनिया को "देख" सकता है।
क्यों अहम है यह समिट?
India AI Impact Summit 2026 को ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा AI समिट बताया जा रहा है। यहां चर्चा सिर्फ टेक्नोलॉजी की नहीं, बल्कि उसके सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों की भी हो रही है।
दूसरे दिन के घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नीति और प्लेटफॉर्म निर्माण में भी नेतृत्व करना चाहता है। 70 हजार की भीड़, 200 बिलियन डॉलर का निवेश संकेत और 'AI का UPI' जैसी पहलें यह दिखाती हैं कि आने वाले सालों में AI भारत की विकास कहानी का अहम अध्याय बनने जा रहा है।
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