दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर एबीवीपी का प्रदर्शन, लगे दिल्ली पुलिस शर्म करो के नारे
राजधानी दिल्ली में छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। एनएसयूआई, आइसा और एबीवीपी रामजस विवाद के बाद लगातार सड़कों पर है।
नई दिल्ली। बीते हफ्ते रामजस कॉलेज में वामपंथी छात्र संगठनों और आरएसएस की स्टूडेंट विंग एबीवीपी के बीच टकराव के बाद राजधानी दिल्ली में दोनों ओर से विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। आज दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर बड़ी संख्या में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के छात्रों के हाथों में 'दिल्ली पुलिस शर्म करो' लिखी तख्तियां थीं। छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ नरमी बरतने का आरोप लगाया।

इससे पहले पुलिस ने बताया कि मंगलवार को खालसा कॉलेज के नजदीक वामपंथी छात्र संगठन आइसा के एक सदस्य पर हमले के सिलसिले में एबीवीपी के दो सदस्यों को आज गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मंगलवार को वामपंथी छात्र संगठनों ने भी बहुत बड़ी तादाद में एबीवीपी के खिलाफ विरोध मार्च किया था, जिसमें वामदलों के कई नेता भी शामिल हुए थे। मंगलवार शाम को कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी मशाल जुलूस निकालकर एबीवीपी का विरोध किया था। उससे पहले सोमवार को एबीवीपी ने तिरंगा मार्च निकालते हुए वामपंथी संगठनों का विरोध किया था।

बीते 22 फरवरी को रामजस कॉलेज में आयोजित एक सेमिनार में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को बुलाए जाने के विरोध में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इसी दौरान वामपंथी छात्र संगठनों से उनकी झड़प हुई थी। वामपंथी छात्र संगठनों ने एबीवीपी पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया था। कई वीडियो भी सामने आए थे, जिसमें पुलिस और एबीवीपी के लोग छात्र और छात्राओं के साथ मारपीट करते दिखे थे। इसके बाद से लगातार दोनों ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है। नेता, खिलाड़ी और फिल्मी दुनिया के लोग भी इस मामले में अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।
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