MCD चुनाव टाले जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची आप, की ये मांग
नई दिल्ली, 17 मार्च: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव की तारीखों को आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आम आदमी पार्टी ने याचिका में कहा है कि राज्य चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के कहने पर चुनाव की घोषणा टाली है। यह चुनाव आयोग की स्वायत्तता में दखल है। इसमें केंद्र सरकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। आम आदमी पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि दुर्गेश कुमार के ने यह याचिका दाखिल की है। दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग ने अनिश्चितकाल के लिए नगर निगम चुनावों को टाल दिया है।

वकील शादान फरासत के जरिए दखिल याचिका में कहा गया है कि राज्य चुनाव आयोग काफी समय से चुनाव की तैयारी कर रहा था। उसने कई नोटिस प्रकाशित कर यह जानकारी दी थी कि अप्रैल में चुनाव होंगे। याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या राज्य निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए गैर-सरकारी पत्र से प्रभावित होकर चुनाव टाल सकता है? याचिका में बताया गया है कि 9 मार्च को राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन करने की बात कही।
यह प्रेस कांफ्रेंस शाम 5 बजे होनी थी, लेकिन थोड़ी देर बाद एक प्रेस नोट जारी कर आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस स्थगित कर दी है। इस प्रेस नोट में आयोग ने बताया कि उसे दिल्ली के उपराज्यपाल ने एक चिट्ठी भेजी है। उस चिट्ठी में उन्होंने बताया है कि केंद्र सरकार तीनों एमसीडी का आपस में विलय कर एक करना चाहती है। इसलिए, चुनाव कार्यक्रम का एलान फिलहाल स्थगित किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बिना, दिल्ली में स्वतंत्र, निष्पक्ष और त्वरित तरीके से नगर निकाय चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग द्वारा उपराज्यपाल के एक संचार का हवाला देते हुए एमसीडी चुनावों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने के बाद याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि केंद्र दिल्ली के तीन नगर निगमों के विलय के लिए कानून पारित करने का इरादा है।












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