AAP के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को देना पड़ा इस्तीफा, क्या गुजरात चुनाव से है कनेक्शन ?
दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका दावा है कि भाजपा जिस तरह से कथित तौर पर उनके निजी हैसियत से एक कार्यक्रम में पहुंचने को लेकर उनकी आम आदमी पार्टी और उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को निशाना बना रही थी, उसी से आहत होकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। लेकिन, लगता है कि उनके इस्तीफे भर से बीजेपी शांत नहीं होने वाली। आगे गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं और दोनों राज्यों में केजरीवाल की पार्टी कांग्रेस के जनाधार को बटोरने में जुटी हुई है। इसीलिए पार्टी ने अब केजरीवाल को ही पूरी घटना का मास्टरमाइंड बताना शुरू कर दिया है और दावा किया है कि गुजरात की वजह से ही गौतम को इस्तीफा देना पड़ा है।

धार्मिक विवाद की वजह से गई राजेंद्र पाल गौतम की कुर्सी
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने आखिरकार रविवार को कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह इस्तीफा एक धर्म परिवर्तन समारोह में उनकी सक्रिय भागीदारी से भड़के विवाद के बाद हुआ है। राजेंद्र पाल गौतम पर उस कार्यक्रम में मौजूद होने के आरोप लगे थे, जिसमें कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया था। दरअसल, एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें 5 अक्टूबर को उन्हें उस कार्यक्रम में मौजूद दिखाया गया था, जिसमें सैकड़ों ने बौद्ध धर्म अपनाने का संकल्प लिया और हिंदू देवी-देवताओं को भगवान नहीं मानने की बात कही थी। लेकिन, यह वीडियो जंगल की आग की तरह फैल गया और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार बुरी तरह विवादों में घिर गई।

केजरीवाल को बदनाम किए जाने से आहत हूं- गौतम
केजरीवाल सरकार से इस्तीफा देने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने अपनी सफाई में कहा है कि उनके व्यक्तिगत फैसले की वजह से जिस तरह से बीजेपी उनके नेता और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को निशाना बना रही थी, उससे आहत होकर उन्होंने इस्तीफा जैसा कदम उठाया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है, "उनको (अरविंद केजरीवाल को ) जिस तरह से इसमें घसीटा गया, जबकि उन्हें कुछ पता भी नहीं है, उनका कोई लेना-देना नहीं है, जबकि हमारी पार्टी का इस धर्म दीक्षा दिवस से कोई लेना-देना नहीं है और उसमें मैं व्यक्तिगत कैपिसिटी से शामिल हूं.....बाबा साहेब के सिपाही होने के नाते ......उसको मुद्दा बनाकर भारतीय जनता पार्टी, उसको पकड़ के मेरी पार्टी और मेरे नेता अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने की कोशिश कर रही है...इससे मैं आहत हुआ हूं।"

मास्टरमाइंड केजरीवाल को भी देना होगा इस्तीफा-मनोज तिवारी
दरअसल, जिस कार्यक्रम में मौजूद होने की बात खुद गौतम भी कबूल कर रहे हैं, उसको लेकर बीजेपी ने पहले दिन से ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उनसे अपने मंत्री को फौरन बर्खास्त करने की मांग कर रही थी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी पर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था। भाटिया ने कहा था, 'गौतम की टिप्पणियों ने इस समुदाय के खिलाफ पार्टी की नफरत को उजागर कर दिया है। ' पार्टी ने तब भी आरोप लगाया था कि 'ये टिप्पणियां (देवी-देवताओं के खिलाफ) केजरीवाल के इशारे पर की गई थीं।' अब जब गौतम ने खुद से इस्तीफे की पहल की है (जैसा कि वो दावा कर रहे हैं), भाजपा ने केजरीवाल के खिलाफ अपना हमला और तेज कर दिया है। पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने ट्विटर पर लिखा है, 'दिमाग और प्लान अरविंद केजरीवाल का, जुबान राजेंद्र गौतम की , अब प्लान फेल होने पर अगर मोहरे ( राजेंद्र गौतम) ने इस्तीफा दिया है तो मास्टरमाइंड केजरीवाल को भी देना होगा....।'
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"यह गुजरात की जनता की जीत है, यह देश के हिंदुओं की जीत है"
भारतीय जनता पार्टी के ही एक और नेता और कभी केजरीवाल के साथ काम कर चुके कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि राजेंद्र पाल गौतम को गुजरात चुनाव की वजह से इस्तीफा देना पड़ा है। उन्होंने दावा किया है कि "राजेंद्र पाल गौतम को आखिर इस्तीफा देना पड़ा और ये इस्तीफा सिर्फ इस कारण हुआ है कि कल जिस प्रकार से केजरीवाल को वडोदरा, गुजरात से भागना पड़ा....जनता का जो गुस्सा कल केजरीवाल ने देखा है, उसके कारण दिल्ली आते ही राजेंद्र पाल गौतम का इस्तीफा लेना पड़ा...... " यही नहीं, कपिल मिश्रा ने यह भी कहा है कि "यह गुजरात की जनता की जीत है। यह देश के हिंदुओं की जीत है। " उन्होंने आगे दावा किया है कि "कल वडोदरा की जनता का गुस्सा गुजरात का आक्रोश और जिस प्रकार से उनको कल भागना पड़ा वडोदरा से उसका ये परिणाम है....."

वडोदरा में लगे थे 'केजरीवाल गो बैक' के नारे
इस बात में कोई दो राय नहीं कि हिंदू हित का मुद्दा गुजरात चुनाव के लिए बहुत ही संवेदनशील है। हिंदू हित की बात कहते हुए भाजपा दो दशकों से भी ज्यादा समय से वहां की सत्ता पर काबिज है। ऐसी स्थिति में जब शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दोनों दो दिवसीय गुजरात दौर पर पहुंचे हुए थे। तो, वडोदरा में उनके पहुंचने से पहले 'हिंदू-विरोधी केजरीवाल गो बैक' और 'आम आदमी पार्टी एंटी-हिंदू' जैसे नारे लगाए गए। आरोप है कि यह हंगामा भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला करने और उनके पोस्टर बैनर फाड़े जाने के भी आरोप लगाए थे। दरअसल, आम आदमी पार्टी दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए इस बार काफी जोर लगा रही है। (अंतिम तस्वीर सौजन्य: ट्विटर)












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