कोर्ट ने सुशील कुमार को 9 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, नहीं दी पुलिस को कस्टडी
नई दिल्ली, जून 02: दिल्ली की एक अदालत ने पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में आरोपी ओलंपिक विजेता रेसलर सुशील कुमार को बुधवार को 9दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार की कस्टडी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। पुलिस का कहना था कि अभी सुशील कुमार से कई मामलों को लेकर पूछताछ करना बाकी है और हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार को भी बरामद नहीं किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने सुशील से तीन दिन और हिरासत में पूछताछ की अर्जी को अदालत में दाखिल किया था। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुशील कुमार को चार दिन की पुलिस की हिरासत समाप्त होने पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रश्मि गुप्ता के सामने पेश किया गया था। जहां पर अदालत ने कुश्ती खिलाड़ी को 9 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुशील कुमार पर हत्या, गैर-इरादतन हत्या और अपहरण के आरोप हैं।
इससे पहले कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने तीसरी बार हिरासत के लिए तर्क दिया कि सुशील कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और कह रहे हैं। पुलिस ने यह भी कोर्ट को बताया कि डीवीआर अब नहीं मिली है। वारदात के वक्त आरोपियों द्वारा पहने कपड़े नहीं मिले हैं। हमें ये सब रिकवर करने के लिए कस्टडी चाहिए। हमें आरोपी को बठिंडा और हरिद्वार लेकर जाना है। अदालत में सुशील का डिस्क्लोजर स्टेटमेंट दिखाया गया।
वहीं सुशील के वकील प्रदीप राणा ने कहा कि पुलिस दिखाना चाहती है कि वो सबसे बड़े केस की जांच कर रही है। पुलिस की अर्जी में कस्टडी के लिए कोई ग्राउंड नहीं है। बिना खास रीजन के कस्टडी नहीं देनी चाहिए। वहीं सुशील कुमार को गिरफ्तारी के बाद भी काला जठेड़ी जैसे खतरनाक गैंगस्टरों का डर सता रहा है। सुनवाई के दौरान सुशील कुमार की तरफ से पेश हुए वकील प्रदीप राणा ने कहा कि, अगर सुशील को न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है तो उन्हें अलग सेल में रखा जाए, क्योंकि बड़े गैंग से उनकी जान को खतरा है।












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