16 महीने का रिशांत जाते-जाते दे गया 2 लोगों को नई जिंदगी, इमोशनल कर देगी स्टोरी
नई दिल्ली, 25 अगस्त: गिरने की वजह से बुरी तरह घायल हुआ 16 महीने का रिशांत भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन इस दुनिया को अलविदा कहने बाद भी वह दो लोगों को नई जिंदगियां दे गया। मासूम की मौत के गम में डूबे परिवार ने ऐसा फैसला किया जिसकी अब हर कोई तारीफ कर रहा है। परिजनों ने दूसरों के घरों के चिराग सलामत रहें इसलिए अपने बच्चे के अंग दान कर दिए।

दो घरों के चिराग को रोशन कर गया रिशांत
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ब्रेन डेड 16 महीने के रिशांत के अंगों को प्रत्यारोपित किया गया है। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार यह बच्चा एम्स में सबसे कम उम्र का अंगदाता है। उन्होंने बताया कि बच्चे के गुर्दों और यकृत को दो अन्य बच्चों को लगाया गया है। बच्चा जाते-जाते दो घरों के चिराग को रोशन कर गया।

पांच बहनों के बीच इकलौता भाई था रिशांत
पांच बहनों के बीच इकलौत भाई 16 महीने का रिशांत 17 अगस्त को खेलते हुए गिर गया था। जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। । रिशांत के पिता उपिंदर उसे जमुना पार्क के पास निजी अस्पताल में ले गए। जहां से उसे उसी दिन एम्स में जयप्रकाश नारायण ट्रॉमा सेंटर लाया गया।। 24 अगस्त को बच्चे की सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का फैसला लिया।

8 दिनों तक मौत से लड़ता रहा रिशांत
एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ दीपक गुप्ता ने बताया कि, बच्चा अंगदान के लिए ही जन्मा था। सिर में गहरी चोट लगने के बाद वह आठ दिन तक लड़ता रहा। उसे 24 अगस्त को मस्तिष्कीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद एम्स के डॉक्टरों ने शोक संतप्त परिवार को अंगदान के बारे में जानकारी दी और उनसे बच्चे के ऑर्गन डोनेट करने का आग्रह किया।

पिता की बात सुन टूट जाएगा दिल
डॉक्टरों द्वारा की गई काउंसलिंग के बाद परिजनों ने रिशांत के अंगदान कर दूसरों को नई जिंदगी देने पर फैसला लिया। उपिंदर ने कहा कि रिशांत उनका छठा और सबसे छोटा बच्चा था। मैं उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन की सुबह काम पर निकलने में व्यस्त था और अपने बच्चे को गिरने से नहीं बचा सका। वह वक्त याद कर मेरा दिल टूट जाता है कि हमने उसे खो दिया है।

एम्स का सबसे कम उम्र का अंगदाता बना रिशांत
एम्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रिशांत की दोनों किडनी को एम्स नई दिल्ली में 5 साल के बच्चे में प्रत्यारोपित किया गया । जबकि उसके लिवर को मैक्स अस्पताल में 6 महीने की बच्ची को ट्रांसप्लांट किया गया है। उनके दिल के वाल्व और कॉर्निया एम्स दिल्ली में रखे गए हैं। जिन्हें अन्य बच्चों में प्रत्यारोपित किया जाएगा।












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