दिल्ली में फर्जी एजुकेशन बोर्ड का भंडाफोड़, 20 हजार जाली मार्कशीट बरामद
नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस ने फेक शिक्षा बोर्ड चलाने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गैंग दिल्ली और लखनऊ में ज्यादा सक्रिय था। इस फेक बोर्ड से देशभर के 300 से ज्यादा स्कूल जुड़े हुए हैं। पुलिस ने लोगों से 17000 फेक मार्कशीट, एडमिट कार्ड जब्त की हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि फेक बोर्ड चलाने के आरोप में और भी लोगों को गिरफ्तारी की जा सकती है।

पुलिस कमिश्नर रविंद्र यादव ने कहा कि गिरफ्तार किए गए एक शख्स ने बताया है कि उनकी मार्कशीट और लोगों को प्राइवेट और सरकारी नौकरी मिली है वहीं कई लोगों ने विदेश जाने के लिए पासपोर्ट भी लिया है।
पुलिस ने कहा है कि वो उन ऐसे लोगों को ढ़ंढ रहे हैं, जिन्होंने फेक डिग्री के कारण नौकरी हासिल की। अगर ऐसे लोग मिलते हैं तो उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी।
ये गैंग कितना शातिर था इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन लोगों अपनी वेबसाइट भी बना रखी थी और दावा करते थे कि इन्हें मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। ये लोग लोकल न्यूजपेपर के जरिए गांवों में विज्ञापन देते थे।किसी भी स्कूल को मान्यता देने के लिए ये लोग 10 हजार से दो लाख तक वसूलते थे।
जानकारों का कहना है कि मंत्रायल कभी भी बोर्ड को मान्यता नहीं देते है बल्कि नए बोर्ड के लिए राज्यों को कानून पास करना पड़ता है। पुलिस ने 65 साल के शिव प्रसाद पांडे को गिरफ्तार किया है जो खुद को इस बोर्ड का संस्थापक बताता है।
पुलिस का कहना है कि ये गैंग पूरे देश में फैला हुआ है। अभी इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अभी इस मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
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