नाराजगी की खबरों के बीच सीएम धामी से मिले Harak Singh Rawat, दिया जीत का आशीर्वाद
नाराजगी की खबरों के बीच सीएम धामी से मिले Harak Singh Rawat, दिया जीत का आशीर्वाद
देहरादून, 26 दिसंबर: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदर पार्टी नेताओं के बगावत के सुर सुनाई दे रहे थे। खबरें ऐसी भी सामने आई थी कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने इस्तीफा दे दिया है, हालांकि यह सिर्फ चर्चा ही थी। हरक सिंह रावत के मंत्री पद से इस्तीफे की धमकी के बाद से धामी सरकार और बीजेपी संगठन डैमेज कंट्रोल में जुट गया था। आखिरकार 24 घंटे बाद प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी को हरक को मनाने में कामयाबी मिल गई। करीब 24 घंटे बाद डॉ. हरक सिंह रावत सामने आए और शनिवार शाम सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए हरक सिंह रावत ने सीएम धामी को अपना छोटा भाई बताया और जीत का आर्शीवाद भी दिया।

मेरे और सीएम धामी के बीच पुराने संबंध
मीडिया को दिए अपने बयान में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा, 'पुष्कर धामी मेरे छोटे भाई हैं। मेरे उनसे आज से संबंध नहीं हैं, पुराने संबंध हैं।' इस दौरान रावत ने कहा, 'प्रदेश के सीएम के रुप में जिस तरह वो काम कर रहे है मेरा आर्शीवाद उनके साथ और पुष्कर भाई के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ उत्तराखंड में सरकार बनाए ये मेरा आर्शीवाद है।' दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अपने क्षेत्र कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से हरक सिंह रावत पार्टी और सीएम धामी से नाराज चल रहे थे।
नाराजगी की खबरों के सीएम धामी से मिले हरक सिंह रावत
इसलिए हरक सिंह रावत ने इस्तीफा देने की बात कही थी और अपना मोबाइल बंद कर कही चले गए थे। लेकिन 24 घंटे के अंदर बीजेपी और सीएम धामी ने उन्हें माना लिया। उन्हें सीएम से मीटिंग का बुलावा भेजा गया और सीएम आवास पर मुख्यमंत्री और हरक सिंह रावत के अलावा मंत्री धन सिंह रावत और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक जैसे बड़े नेताओं के बीच बैठक हुई। मेडिकल कॉलेज बनाने पर आश्वासन दिया गया और हरक सिंह रावत सारी नाराजगी भूल गए। मीटिंग के बाद रावत ने कहा कि धामी ने भरोसा दिया है कि मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसके लिए 25 करोड़ रुपए भी अलॉट कर दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज बनवाने को लेकर नाराज थे हरक सिंह रावत
दरअसल, हरक सिंह रावत ने कहा, 'मैंने कल भी कैबिनेट में इस मामले को उठाया, लेकिन जब मेरी बात नहीं सुनी गई तो मैंने नाराजगी व्यक्त करके कैबिनेट छोड़कर चला गया था। मैं बहुत ज्यादा नाराज था। भले ही मैं कोटद्वार से चुनाव लड़ूं या ना लड़ूं लेकिन जब हम जनता से वादा करते हैं तो पूरा होना चाहिए।' तो वहीं, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कैबिनेट में अपनी बात रखी थी। हम उनकी बात का हल निकाल रहे हैं। परिवार का मामला है ऐसी कोई बहुत बड़ी बात नहीं है।'












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