उत्तराखंड का अद्भुत मंदिर, प्रसाद में मिलेंगे पौधे
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) देवभूमि उत्तराखंड में हमने नौ हजार फ़ीट की ऊंचाई पर एक अनोखा मंदिर "बाबा बौखनाग हिमालय मंदिर" बनाने की योजना पर काम चल रहा है। यह मंदिर उत्तरकाशी जिले के यमनोत्री और गंगोत्री के बीच राड़ी डांडा के पास बनाया जाएगा जो पर्यावरण को समर्पित को होगा।

इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे उत्तराखंड के वरिष्ठ लेखक विजेन्द्र रावत ने वन इंडिया को बताया कि इस मंदिर के निर्माण में एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। सारी लकड़ी लोगों के दान से जुटाई जाएगी।
पौधों का प्रसाद
मंदिर का निर्माण स्थानीय शैली में देवदार की लकड़ी से बनाया जाएगा। यहां प्रसाद के रूप में पौधे दिए जाएंगे जिन्हें वे अपनों की स्मृति में वहां के ढलानों में ॐ के आकार में रोपेंगे और उस पर श्रद्धालुओं की नाम पट्टिका लग जायेगी जो हमेशा पेड़ पर टंगी रहेगी।
शिव के दर्शन
मंदिर पर दूरबीने लगाई जाएंगी जिससे हिमालय को नजदीक से निहार कर शिव के साक्षात दर्शन कर सकेंगे। यहां लोग पैदल या घोड़े -खच्चर से ही यात्रा कर सकेंगे। फिलहाल इस अनोखे मंदिर के निर्माण के लिए बनने वाली समिति के संरक्षक रूप में प्रीतम पंवार -शहरी विकास मंत्री, शुवर्धन शाह - चुनाव आयुक्त, जयदेव शाह -प्रमुख सचिव व नारायण सिंह राणा -पूर्व खेल मंत्री -उत्तराखंड सरकार ने अपनी हामी भर दी है।
सबका सहयोग
रावत ने कहा कि इस नेक काम में सबका सहयोग जरूरी हैं। इस क्षेत्र को हम इको टूरिज्म का केंद्र बनाना चाहते हैं।इसकी पहली बैठक बाबा बौखनाग मंदिर भाटिया में आयोजित की जा चुकी है। जानकारों का कहना है कि ये बहुत अच्छी बात है कि मंदिर का निर्माण करते हुए पर्यावरण के साथ खिलवाड़ नहीं की जा रही।












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