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देश के सबसे इनामी डकैत बबुली कोल को मारने का दावा कर रहा संजय कोल अरेस्ट, इस पर है 1 लाख का इनाम

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चित्रकूट। मध्य प्रदेश में सतना जिले के जंगलों में कुख्यात डकैत बबुली कोल की लाश बरामद होने के बाद उसी के गैंग के कई बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ हैं। इन बदमाशों में सोहन कोल और संजय कोल शामिल हैं। संजय कोल का कहना है कि बबुली कोल और उसके साथी लवलेश को सतना पुलिस ने एनकाउंटर में नहीं मारा, बल्कि उन डकैतों की मौत हमसे मुठभेड़ के दौरान हुई थी। संजय के मुताबिक, हम लोगों ने ही मिलकर बबुली को मौत के घाट उतार दिया। बबुली पर 7 लाख रुपए का इनाम था। वह यूपी-मप्र के सीमावर्ती जिलों में वारदातों को अंजाम देता था। इतनी रकम देश में पहले कभी किसी डकैत के लिए घोषित नहीं हुई थी।

संजय कोल ने किए ये दावे

संजय कोल ने किए ये दावे

बता दें कि, पुलिस द्वारा संजय कोल पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। 16 सितंबर को बबुली की लाश सतना में जंगल से बरामद की गई थी। उसके बाद 19 सितंबर को उसकी गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाशी शुरू कर दी गई। पुलिस की टीम चित्रकूटधाम परिक्षेत्र में लगातार प्रयास कर रही थी। तब 23 सितंबर को पता चला कि थाना मारकुंडी अंतर्गत जनपद चित्रकूट धाम में एक डकैत मिला है। पुलिस से उसकी मुठभेड़ हुई और आखिर में उसे पकड़ लिया गया। वह डकैत संजय कोल ही था।

पुलिस बोली- अब कोई डकैती गैंग नहीं बची

पुलिस बोली- अब कोई डकैती गैंग नहीं बची

संजय ने पूछताछ में कहा है कि बबुली गैंगवार में मारा गया है, न कि उसे पुलिस ने मारा है। वहीं, पुलिस का दावा है कि अब चित्रकूट से डकैतों का सफाया किया जा चुका है। अब यहां कोई गैंग नहीं रह गई है।

कौन था बबुली कोल, जानिए

कौन था बबुली कोल, जानिए

7 लाख का इनामी बदमाश बबुली कोल सतना धारकुण्डी थाना क्षेत्र के वीरपुर के पास की पहाड़ी पर मृत मिला था। बताया जा रहा है कि डकैतों के बीच गैंगवार में गैंग के नए सदस्य लोली कोल ने बबुली कोल को गोली मारी। जबकि, पुलिस का दावा गैंगवार की बातों से अलग रहा। पुलिस का कहना है कि लोली कोल ने पुलिस के सामने धारकुंडी थाना क्षेत्र में आत्मसमर्पण किया है।

किसान को अपहृत कर 50 लाख मांगे थे

किसान को अपहृत कर 50 लाख मांगे थे

बबुली कोल का गिरोह विंध्य इलाके में अपहरण, लूट और हत्या के लिए जाना जाता है। हाल ही में उसने एक किसान अवधेश समदड़िया का उसके घर से ही अपहरण किया था और फिरौती में 50 लाख रुपए मांगे थे। फिरौती देने के बाद किसान बबुली कोल के चंगुल से छूटकर घर पहुंचा था। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, बबुली कोल गिरोह ने 7 सितंबर की दरमियानी रात्रि 2 बजे अवधेश को अगवा किया था।

डाकूओं में ही हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

डाकूओं में ही हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

इससे पहले 17 सितंबर को सतना एसपी रियाज इकबाल और चित्रकूट एसपी मनोज कुमार झा ने बताया था कि बबुली कोल और लवलेश दोनों डकैतों की लाश बरामद कर ली गई हैं। उन्हें मध्य प्रदेश के मझगवां थाने ले जाया गया है। उससे पहले बबली की गैंग में डाकूओं के आपस में भिड़े जाने की खबर आई थीं। शनिवार की देर रात डाकुओं के बीच कई राउंड गोलियां चलीं थीं। जिसके बाद भारी पुलिस जाब्ता जंगल की ओर रवाना हुआ था।

पढ़ें: देश का सबसे बड़ा इनामी डकैत बबुली कोल मारा गया, मध्य प्रदेश के जंगल में मिली लाश, अब किसे मिलेंगे 7 लाख रुपए

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English summary
Dacoit Babuli Kol Died In Gang War, another accused arrested
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