नवा रायपुर में किसान की मौत पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत, विपक्ष ने कहा-सरकार को शर्म आनी चाहिए

रायपुर, 11 मार्च। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर में प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी किसान की मौत के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। किसान की मौत की खबर मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोलते हुए ,उन्हें नवा रायपुर के एक किसान की मौत के मामले में जिम्मेदार ठहराया है।

say

साय ने कहा कि किसानों के नाम पर घटिया राजनीति करके सत्ता में आए भूपेश बघेल ने अब तक के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है और उनकी प्रताड़ना से किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पचास लाख का मुआवजा देने के लिए छोटी मैडम की खुशामद में शीर्षासन करने वाले बघेल का डीएनए यदि वास्तव में वाकई किसान का है तो भूपेश बघेल तत्काल मृतक आंदोलनकारी किसान के परिवार को न्यूनतम एक करोड़ का मुआवजा दें।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष साय ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के अन्याय और अत्याचार से त्रस्त एक किसान ने आंदोलन के दौरान प्रदर्शन करते हुए अपनी जान गवां दी, जिसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार है। नवा रायपुर में आंदोलनकारी किसान की मौत के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
यह भी पढ़े छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में आंदोलन कर रहे किसान की मौत, किसानो ने की 1 करोड़ के मुआवजे की मांग

साय ने कहा कि जिस तरह भूपेश सरकार का रवैया है उसने राज्य के हर व्यक्ति को परेशान कर दिया है। नवा रायपुर में बरौदा निवासी बुजुर्ग किसान सियाराम पटेल की मौत हो गई। बुजुर्ग किसान भूपेश सरकार की दोगली राजनीति के विरोध में मंत्रालय घेराव करने निकले थे। पैदल मार्च के दौरान उनकी सेहत खराब हुई और आख़िर उनको अपनी जान गंवाना पड़ा। श्री साय ने कहा कि संवेदनहीन भूपेश बघेल सरकार को शर्म आनी चाहिए, जो किसानों की मांग को पूरा करने सिर्फ नौटंकी कर रही हैं। किसान लगातार अपने हक की मांग करते हुए धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन सरकार कांग्रेस के मालिकों के लिए एटीएम बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में किसान अपनी जान गंवाने मजबूर हैं लेकिन भूपेश बघेल सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।

68 दिनों से धरना दे रहे किसानों ने आयोजित किया था पैदल मार्च

गौरतलब है कि शुक्रवार को नवा रायपुर में 68 दिनों से धरना दे रहे किसानों ने पैदल मार्च आयोजित किया था। इस दौरान करीब 200 किसान इस मार्च में शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने किसानो को बीच मार्ग में रोकने के बाद किसान धरने पर बैठ गए थे। इसी धरने के दरमियान 66 बरस के किसान सियाराम पटेल बेहोश होकर गिर गए थे,जिनकी बाद में मौत हो गई। घटना के वक़्त स्वास्थ्य टीम ने किसान सियाराम की हालत गंभीर पाई गई थी, थोड़ी ही देर बाद किसान की मृत्यु हो गई । मृतक नवा रायपुर के बरोदा गांव के किसान थे ,वह भी नवा रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी की तरफ ली गई पर जमीन पर मुआवजे और गांव के युवाओ के लिए रोजगार की मांग कर रहे थे।

किसान की मौत के बाद छत्तीसगढ़ के किसान नेताओ ने सरकार के समक्ष नवा रायपुर के दिंवगत किसान सियाराम पटेल के परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग रखी है। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता वैगेन्द्र सोनबेर ने कहा कि छत्तिसगर सरकार को किसान परिवार की तत्काल सुध लेनी चाहिए ,उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+